भूपति की जोड़ीदार भारत की सर्वोच्च वरीयता प्राप्त महिला खिलाड़ी सानिया मिर्जा हैं जबकि पेस जिंबाब्वे की कारा ब्लैक के साथ अपनी दावेदारी पेश करेंगे। भूपति और पेस ने 1999 में साथ खेलते हुए विंबलडन का पुरुषों का युगल खिताब जीता था।
भूपति और सानिया ने शनिवार को खेले गए दूसरे दौर के मुकाबले में जहां ब्रिटेन के कोलिन फ्लेमिंग और सारा बोरवेल की जोड़ी को 7-6 (4), 6-4 से हराया वहीं पेस और ब्लैक ने वॉकओवर के सहारे तीसरे दौर में प्रवेश किया। पहले दौर में पेस-ब्लैक को बाई मिला था।
पेस-भूपति ने 1999 में विंबलडन का पुरुषों का युगल खिताब जीता था लेकिन उसके बाद से दोनों इस खिताब पर कभी कब्जा नहीं कर सके। दोनों ने हालांकि अपनी महिला जोड़ीदारों के साथ दो-दो बार मिश्रित युगल खिताब पर कब्जा अवश्य किया है।
इससे पहले, विश्व की सर्वोच्च वरीयता प्राप्त महिला टेनिस खिलाड़ी रूस की दिनारा सफीना और अमेरिका की वीनस विलियम्स एकल वर्ग में अपने-अपने मैच जीतने में सफल रहीं।
शनिवार को सफीना ने जहां किर्स्टन फ्लिपकिंस को 7-5, 6-1 से पराजित किया वहीं वीनस स्पेन की कारा साउरेज नावारो को 6-0, 6-4 से हराने में सफल रहीं। दोनों खिलाड़ी प्री-क्वार्टर फाइनल दौर में पहुंचने में सफल रहीं।
अगले दौर में वीनस की भिड़ंत पूर्व फ्रेंच ओपन विजेता सर्बिया की एना इवानोविक से होगी। इवानोविक ने आस्ट्रेलिया की समांथा स्टोसुर को 7-5, 6-2 से हराकर बाहर का रास्ता दिखाया।
वीनस और इवानोविक की भिड़ंत हमेशा रोचक रही है लेकिन इसमें वीनस का पलड़ा भारी रहा है। दोनों खिलाड़ियों के बीच अब तक छह मुकाबले हुए हैं, जिसमें पांच बार वीनस को जीत मिली है जबकि एक मौके पर इवानोविक जीत हासिल करने में सफल रही हैं।
पुरुष वर्ग में अमेरिका के एंडी रॉडिक और आस्ट्रेलिया के ल्युटिन हेविट भी जीत हासिल करने में सफल रहे हैं।
2004 और 2005 में विंबलडन के फाइनल में हार का स्वाद चखने वाले रॉडिक ने जहां आस्ट्रेलिया के जुर्गेन मेजलर को 7-6, 7-6, 4-6, 6-3 से हराया वहीं हेविट ने जर्मनी के फिलिप पेटश्रेनर को 7-5, 7-6, 6-3 से पराजित किया।
विश्व के तीसरी वरीयता प्राप्त ब्रिटेन के एंडी मरे भी आसान जीत के साथ अगले दौर में पहुंचने में सफल रहे। मरे ने सर्बिया के विक्टर ट्रोइस्की को 6-2, 6-3, 6-4 से हराकर बाहर का रास्ता दिखाया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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