नई दिल्ली, 1 जुलाई (आईएएनएस)। अगले साल होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के मद्देनजर फूलों के तीन लाख पौधे राजधानी में लगाए जाएंगे। दिल्ली को मनमोहक रंगों और खुशबू से सराबोर करने वाले फूलों की नई नस्ल तैयार करने की जिम्मेदारी देहरादून स्थित वन शोध संस्थान (एफआरआई) को सौंपी गई है।
एफआरआई को यह जिम्मेदारी दिल्ली सरकार ने सौंपी है। दिल्ली सरकार का मकसद है कि राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान दिल्ली हरी-भरी और खूबसूरत दिखे, क्योंकि भारत पहले ही घोषणा कर चुका है कि वह 2010 में प्रथम हरित राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन करेगा।
एफआरआई के निदेशक एस.एस. नेगी ने आईएएनएस को फोन पर बताया, "हम राष्ट्रमंडल खेलों के लिए विशेष नस्ल के फूल उगाने की कोशिश में जुटे हैं। हमें ऐसे 300,000 पौधे उगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस सिलसिले में कार्य शुरू किया जा चुका है।"
नेगी ने बताया कि संस्थान अक्टूबर माह में दिल्ली के मौसम को ध्यान में रखकर पौधों को तैयार करने पर जोर दे रहा है। राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन 2010 के अक्टूबर महीने में ही होना है।
बकौल नेगी, "हम ऐसे पौधे तैयार करना चाहते हैं जो अक्टूबर महीने में दिल्ली के वातावरण में लंबे समय तक ताजा बने रहें। एफआरआई की केंद्रीय नर्सरी में इस संबंध में काम जारी है और उगाए गए पौधों के नमूनों का इस साल अक्टूबर में दिल्ली में परीक्षण किया जाएगा"
नेगी ने बताया कि एफआरआई खेल गांव के करीब एक 'बांस पार्क' विकसित कर रहा है। उन्होंने बताया, "इस बांस पार्क में दुनिया भर से जुटाए गए 75 प्रकार के बांस उगाए जाएंगे। राजघाट के पीछे 60 हेक्टेयर भूमि पर बांस लगाने का काम शुरू हो चुका है।"
एफआरआई को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा तैयार किए जा रहे खेल गांव के अंदर और उसके आसपास लगाई जा रही हरियाली के मानकों पर भी नजर रखनी है। डीडीए इस खेल गांव का निर्माण 'ग्रीन गेम्स विलेज प्रॉजेक्ट' के तहत कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति ने इन खेलों को हरित स्वरूप देने के लिए संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) के साथ एक रणनीतिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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