पूर्व टेस्ट खिलाड़ी व कप्तान मोइन खान ने कहा, "फउद आलम को टीम से बाहर रखने का फैसला क्यों किया गया, यह मेरी समझ से परे है। अभ्यास मैच में उसने 80 रन बनाए थे। वह एक शानदार क्षेत्ररक्षक भी है और बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी भी कर सकता है।"
पूर्व तेज गेंदबाज सरफराज नवाज ने कहा, "अब्दुल रज्जाक और दानिश कनेरिया जैसे महत्वपूर्ण गेंदबाजों को टीम से बाहर रखने का फैसला गलत था। जिस तरह से हमारी बल्लेबाजी ध्वस्त हुई वह अविश्वसनीय थी। मुझे ऐसे प्रदर्शन की उम्मीद नहीं थी। अब्दुल रज्जाक, फउद आलम और दानिश कनेरिया कहां थे।"
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान को दूसरी पारी में जीत के लिए 168 रन बनाने की चुनौती मिली थी। एक समय तो उसके हाथ में आठ विकेट थे और जीत के लिए 97 रनों की जरूरत थी लेकिन पूरी टीम महज 46 रनों पर ही धराशायी हो गई।
पूर्व खिलाड़ी एजाज अहमद ने कहा, "जीत के लिए रखे गए छोटे से लक्ष्य को पूरा करने उतरे टीम के बल्लेबाजों के साथ मनोवैज्ञानिक समस्या है। मेरे हिसाब से टीम में एक बल्लेबाजी कोच भी होना चाहिए। अभी जो कोच हैं वे दोनों गेंदबाजी कोच हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।