कोपेनहेगन। वर्ष 2016 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी रियो डी जेनेरो के पास आ गई है। डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के प्रतिनिधियों द्वारा शुक्रवार को किए गए मतदान में रियो ने मैड्रिड, टोक्यो और शिकागो को पराजित कर मेजबानी जीत ली, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा खुद शिकागो की दावेदारी का समर्थन करने के लिए वहां मौजूद थे।
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक आईओसी के अध्यक्ष जैक्यू रोग्गी ने घोषणा की कि ब्राजील के शहर रियो ने आईओसी के अंतिम दौर में मेजबानी जीत ली है। इसके पहले प्रथम और द्वितीय चक्र में क्रमश: बराक ओबामा समर्थित शिकागो और टोक्यो दावे से बाहर हो गए थे।
रियो ने अंतिम चक्र के मतदान में 66-33 से जीत दर्ज कराई। इसके पहले दूसरे दौर के मतदान में उसे 49 वोट थे, जबकि मैड्रिड को 29 तथा टोक्यो को 20 वोट मिले थे। दक्षिणी अमेरिका में ओलंपिक का यह पहला आयोजन होगा। वर्ष 2016 में आयोजित होने वाले ओलंपिक खेल ब्राजील द्वारा वर्ष 2014 में फुटबाल विश्व कप की मेजबानी के ठीक दो वर्ष बाद होंगे।
शिकागो के लिए अपील करेगा ओबामा प्रशासन
ओबामा के कोपेनहेगन दौरे के बारे में व्हाइट हाउस के प्रवक्ता रॉबर्ट गिब्स ने बताया था, "राष्ट्रपति सभी अमेरिकियों की ओर से शिकागो के समर्थन में अपील करेंगे। "कोपनहेगन में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईओसी) के दो सदस्य गुयाना के इब्राहीम डियालो और फिनलैंड के साको कोवियो मौजूद नहीं थे। ऐसे में आईओसी के 103 सदस्य ही यहां उपस्थित रहे।
मेजबानी में का दावा करने वाले चारों देशों के सातों सदस्यों ने नियमत: मतदान में हिस्सा नहीं लिया। वहीं दक्षिण कोरिया के हून ही ली को आईओसी से निलंबित किया जा चुका है। ऐसे में पहले चरण में 95 सदस्यों ने ही मतदान किया।इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।