कोच्चि से लौटने के बाद सोमवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान गिल ने कहा कि कलमाडी और हूपर के बीच जारी वाकयुद्ध दुर्भाग्यपूर्ण है। बकौल गिल, "राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़े दो बड़े अधिकारियों के बीच जारी वाकयुद्ध निराशाजनक है। खेलों के आयोजन की तैयारियां बिल्कुल सही दिशा में चल रही हैं, ऐसे में इस तरह की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है।"
गिल ने कहा कि नई दिल्ली 2010 में राष्ट्रमंडल खेलों का शानदार और विश्वस्तरीय आयोजन करेगी। गिल ने कहा, "खुद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और मैंने सीजीएफ को भरोसा दिलाया है कि हम विश्वस्तरीय आयोजन की सफलता के लिए कृतसंकल्प हैं।"
गिल के मुताबिक सीजीएफ द्वारा खेलों की तैयारियों की निगरानी के लिए नियुक्त हूपर के अलावा सरकार द्वारा नियुक्त कैबिनेट स्तर के तीन और अधिकारी आयोजन की तैयारियों और उससे जुड़े मुद्दों पर नजर रखेंगे।
खेल मंत्री ने कहा कि जरनैल सिंह को आयोजन समिति का मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनके साथ तीन अन्य अधिकारी आयोजन संबंधी तैयारियों पर नजर रखेंगे। इनमें से एक मुख्य वित्तीय अधिकारी होंगे।
गिल ने यह भी कहा कि 29 अक्टूबर को लंदन में राष्ट्रमंडल खेल मशाल रिले को रवाना किए जाने के आयोजित समारोह के दौरान वह जीपीएफ अध्यक्ष माइक फेनेल से बातचीत कर आयोजन समिति और सीजीएफ के बीच जारी गतिरोध को समाप्त करने का प्रयास करेंगे। इस दौरान कलमाडी भी गिल के साथ होंगे।
गिल ने कहा, "मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि मैं 29 अक्टूबर को लंदन में फेनेल से मिलकर कलमाडी और उनके बीच बातचीत को आगे बढ़ाने का प्रयास करुं गा। मैं उन्हें इस मसले को समाप्त करने के लिए कहूंगा। मुझे दोनों पक्षों की बात सुननी है।"
इस बीच, आधिकारिक सूत्रों ने कहा है कि भारत ने डोपिंग रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय कोष में 20,000 डॉलर की सहायता राशि देना स्वीकार किया है। सरकार का यह कदम नई दिल्ली में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान डोपिंग संबंधी नियमों के कड़ाई से पालन किए जाने की ओर संकेत देता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।