मेरे बच्चों की सलामती के लिए दुआ करें: अकरम
पाकिस्तान के समाचार पत्र 'द नेशन' के मुताबिक अपनी पत्नी को सोमवार को लाहौर में सुपुर्द-ए-खाक करने के बाद मीडिया से मुखातिब अकरम ने कहा कि वह अपने बच्चों की परवरिश ठीक उसी तरह करना चाहते हैं, जैसा हुमा चाहती थीं और इसके लिए उन्हें शक्ति और अल्लाह का सहारा चाहिए।
अकरम ने कहा, "मैंने लोगों से कहा है कि वे मेरे लिए दुआ करें कि मैं अपने बच्चों की परवरिश ठीक उसी तरह कर सकूं, जैसा मेरी मरहूम पत्नी चाहती थीं। मैं अपने बच्चों के माध्यम से हुमा के सपनों को साकार होते देखना चाहता हूं।"
हुमा और अकरम 1986 से एक दूसरे को जानते थे। दोनों साथ-साथ पढ़ा करते थे। 1993 में दोनों ने विवाह किया था। उस समय वसीम अपने करियर के चरम पर थे।
वसीम और हुमा पाकिस्तान के लोकप्रिय दंपत्तियों में एक थे। हुमा एक जानी-मानी मनोचिकित्सक थीं। वसीम की कप्तानी के दौरान उन्हें टीम का मनोवैज्ञानिक सलाहकार नियुक्त किया गया था। हुमा और अकरम के दो बच्चे-तैमूर और अकरम- हैं।
उल्लेखनीय है कि 42 साल की हुमा को दिल का दौरा पड़ने के कारण बीते रविवार को चेन्नई के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया था। हुमा की अंतिम यात्रा में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के कई पूर्व खिलाड़ियों के अलावा पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी, शहर के गणमान्य लोगों और वसीम के प्रशंसकों ने हिस्सा लिया।
हुमा को बीते मंगलवार को इलाज के लिए सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में उनकी तबियत बिगड़ गई। इसके बाद हुमा को गंभीर हालत में चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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