अपनी 67 गेंदों की पारी के दौरान सात चौकों की मदद से 51 रनों की तेज पारी खेलने वाले सहवाग को स्पिन गेंदबाज रंगना हेराथ ने पेवेलियन की राह दिखाई। सहवाग का कैच एंजेलो मैथ्यूज ने लपका।
अंतिम समाचार मिलने तक भारतीय टीम ने 19 ओवरों में एक विकेट के नुकसान पर 86 रन बना लिए थे। गौतम गंभीर ने 39 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 29 रन बनाए थे जबकि पहली पारी में शतक लगाने वाले राहुल द्रविड़ तीन रन बनाकर उनका साथ दे रहे थे।
इससे पहले, श्रीलंकाई टीम ने अपनी पहली पारी सात विकेट पर 760 रनों के स्कोर पर घोषित कर दी। भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी में 426 बनाए थे। इस तरह मेहमान टीम ने पहली पारी के आधार पर 334 रनों की बढ़त हासिल कर ली।
खेल के चौथे दिन भारतीय गेंदबाज विकेट के लिए संघर्ष करते रहे लेकिन माहेला जयवर्धने और प्रसन्ना जयवर्धने की जोड़ी के सामने उनकी एक न चली। माहेला 275 रनों के निजी स्कोर पर आउट हुए। उन्होंने बुधवार को ही दोहरा शतक जड़ा था। उनके टेस्ट करियर का यह 27वां शतक है। चौथे दिन प्रसन्ना ने भी शतक जड़ा। वह 154 रनों पर नाबाद रहे।
भारत की ओर से तेज गेंदबाज जहीर खान, ईशांत शर्मा और हरभजन सिंह ने दो-दो विकेट झटके जबकि लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने माहेला जयवर्धने के रूप में एक विकेट अपने नाम किया।
इससे पहले तीसरे दिन श्रीलंकाई टीम को थिलन समरवीरा के रूप में पहला झटका लगा। समरवीरा 70 रनों के निजी स्कोर पर ईशांत का शिकार बने। इसी दिन भोजनकाल से ठीक पहले मेहमान टीम को एक और झटका उस समय लगा जब एंजेलो मैथ्यूज 17 रन बनाकर हरभजन की गेंद पर आउट हो गए।
इसके बाद तीसरे दिन भारतीय गेंदबाज कोई भी विकेट लेने में नाकाम रहे। खेल के दूसरे दिन तिलकरत्ने दिलशान ने शानदार शतक लगाकर श्रीलंकाई टीम शुरुआत दी थी। दिलशान ने 133 गेंदों का सामना करते हुए 112 रन बनाए थे।
पहली पारी में भारतीय टीम ने 426 रनों का स्कोर खड़ा किया था। द्रविड़ ने 177 रनों की पारी खेली थी। उनके अलावा कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने 110 और युवराज सिंह ने 68 रनों का योगदान दिया था। श्रीलंका की ओर से चनाका वेलेगेदारा ने चार विकेट और मुथैया मुरलीधरन ने तीन विकेट चटकाए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।