श्रीलंका 576 रन पीछे, आगे की राह आसान नहीं (राउंडअप)
टूटती पिच का ही फायदा उठाकर श्रीलंकाई स्पिनरों ने भारतीय टीम की पहली पारी 642 रनों पर समेट दी। वी.वी.एस. लक्ष्मण के रूप में भारत का पांचवां विकेट 613 रनों पर गिरा था। इसके बाद महज 29 रन जोड़कर पांच बल्लेबाज पेवेलियन लौट गए।
भारतीय टीम के तेज गेंदबाज जहीर खान ने पारी की पहली ही गेंद पर ही श्रीलंकाई सलामी बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान को पेवेलियन लौटाकर उम्मीद जगाई, लेकिन इसके बाद कप्तान कुमार संगकारा और थरंगा परानाविताना ने अपनी टीम को और कोई नुकसान नहीं होने दिया। दिलशान का विकेट शून्य के कुल योग पर गिरा। उन्हें जहीर की गेंद पर प्रज्ञान ओझा ने लपका। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक संगकारा और परानाविताना 30-30 रनों पर खेल रहे थे। परानाविताना ने 64 गेंदों पर पांच चौके लगाए हैं जबकि संगकारा के बल्ले से 80 गेंदों में तीन चौके निकले हैं।
इससे पहले, चायकाल तक सात विकेट के नुकसान पर 639 रन बनाने वाली भारतीय टीम मात्र तीन रन जोड़कर 154 ओवरों की बल्लेबाजी के बाद 642 रनों पर पेवेलियन लौट गई। भारतीय टीम ने 29 रनों पर अपने अंतिम छह विकेट गंवाए। श्रीलंका की ओर से रंगना हेराथ ने 121 रन देकर पांच विकेट झटके। चायकाल के बाद भारत ने युवराज सिंह (67), जहीर खान (1) और शांताकुमारन श्रीसंत (0) के विकेट गंवाए। ओझा एक रन बनाकर नाबाद लौटे। युवराज ने अपनी 105 गेंदों की पारी के दौरान चार चौके और दो छक्के लगाए।
भारतीय टीम ने युवराज और लक्ष्मण के शानदार अर्धशतकों की बदौलत 600 रनों का आंकड़ा पार किया था। भारतीय टीम को इस योग तक पहुंचाने में सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर (167) और वीरेंद्र सहवाग (131) तथा राहुल द्रविड़ (144) का महत्वपूर्ण योगदान है। लक्ष्मण 121 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 63 रन बनाकर पेवेलियन लौटे जबकि चायकाल से ठीक पहले कप्तान महेंद्र सिंह धौनी चार और हरभजन सिंह पांच रन बनाकर आउट हुए।
मैच का पहला दिन पूरी तरह से भारतीय बल्लेबाजों के नाम रहा था। इस दिन गंभीर और सहवाग ने मेहमान गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते हुए लगभग 5.50 के औसत से रन बटोरे थे। पहले दिन दो विकेट के नुकसान पर 417 रन बनाने वाली मेजबान टीम ने बुधवार को पहले ही सत्र में द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर (40) के विकेट गंवा दिए।
मंगलवार को तेंदुलकर 20 और द्रविड़ 85 रनों पर नाबाद लौटे थे। द्रविड़ ने खेल के शुरुआती घंटे में ही हालांकि तेजी से रन बटोरते हुए शतक जड़ दिया। उनके टेस्ट करियर का यह 28वां शतक है। द्रविड़ ने अहमदाबाद में खेले गए पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में भी 177 रन बनाए थे। द्रविड़ और तेंदुलकर के बीच तीसरे विकेट के लिए 94 रनों की साझेदारी हुई।
'मिस्टर भरोसेमंद' और 'द वॉल' जैसे विशेषणों से नवाजे गए द्रविड़ ने इसी के साथ टेस्ट रनों की दौड़ में आस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान एलन बॉर्डर को पीछे छोड़ दिया। इसके साथ द्रविड़ सर्वाधिक टेस्ट रन बनाने वालों की सूची में चौथे क्रम पर पहुंच गए हैं। अपने करियर का 28वां शतक लगाने के साथ ही द्रविड़ ने 136वें टेस्ट मैच में 11182 रन पूरे कर लिए हैं। वह बॉर्डर 11174 से आठ रन अधिक अपने खाते में जुटा चुके हैं। बॉर्डर ने 156 टेस्ट मैच खेले हैं।
टेस्ट मैचों में सर्वाधिक रन बनाने का रिकार्ड भारत के सचिन तेंदुलकर के नाम है। तेंदुलकर ने 161 मैचों में 12917 रन बनाए हैं। इस फेहरिस्त में वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा (131 टेस्ट, 11953 रन) दूसरे और आस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग (136 टेस्ट, 11345 रन) तीसरे क्रम पर हैं। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में अब तक आठ बल्लेबाजों ने 10 हजार या उससे अधिक रन बटोरे हैं। इस मुकाम पर सबसे पहले पहुंचने का श्रेय भारत के महान सलामी बल्लेबाज सुनील गावस्कर को जाता है, जिन्होंने 1987 में ही 10 हजार रन पूरे कर लिए थे।
तेंदुलकर, लारा, पोंटिंग, द्रविड़ और बॉर्डर के अलावा 10 हजार का आंकड़ा पार करने वालों में आस्ट्रेलिया के स्टीव वॉ (168 टेस्ट, 10929 रन), दक्षिण अफ्रीका के जैक्स कैलिस (131 टेस्ट, 10277 रन) और गावस्कर (125 टेस्ट, 10122 रन) शामिल हैं।
श्रीलंका की ओर से हेराथ के अलावा असंथा मेंडिस और मुथैया मुरलीधरन ने दो-दो सफलताएं अर्जित कीं। अहमदाबाद में खेला गया तीन मैचों की श्रृंखला का पहला टेस्ट मैच ड्रा हो गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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