भारतीय टीम 322 रनों की बढ़त के साथ मजबूत स्थिति में (लीड-5)
श्रीलंका के पहली पारी के 393 रनों के जवाब में भारतीय टीम ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने से कुछ समय पहले अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 726 रनों पर घोषित कर दी। इसके बाद श्रीलंका ने दिन की समाप्ति तक अपनी दूसरी पारी में बिना कोई विकेट खोए 11 रन बना लिए। थरंगा परानाविताना आठ और तिलकरत्ने दिलशान तीन रन बनाकर नाबाद लौटे।
भारतीय टीम ने कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के करियर के तीसरे शतक के पूरा होते ही पारी घोषित कर दी। इस तरह पहली पारी के आधार पर उसे कुल 333 रनों की बढ़त मिली थी। धौनी ने 154 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौकों और छह छक्कों की मदद से नाबाद 100 रन बनाए। उन्होंने प्रज्ञान ओझा (नाबाद 5) के साथ दसवें विकेट के लिए नाबाद 56 रन जोड़े।
तीसरे दिन का सबसे बड़ा आकर्षण धौनी का शतक रहा। धौनी ने इस श्रृंखला में दूसरा शतक जड़ा। उन्होंने कानपुर टेस्ट की पहली पारी में शतक लगाया था। धौनी के अलावा राहुल द्रविड़ (74), वी.वी.एस. लक्ष्मण (62), और सचिन तेंदुलकर (53) ने तीसरे दिन अर्धशतक लगाया।
बहरहाल, दूसरे दिन की समाप्ति तक एक विकेट के नुकसान पर 443 रन बनाने वाली भारतीय टीम को तीसरे दिन के पहले सत्र में ही जोरदार झटका लगा। दूसरे दिन 284 रनों पर नाबाद लौटने वाले सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग तिहरे शतक से चूक गए।
तीसरे दिन हर क्रिकेट प्रेमी की नजर सहवाग पर ही थी लेकिन वह इतिहास की दहलीज पर पहुंच कर चूक गए। वह 293 रनों के व्यक्तिगत स्कोर पर मुथैया मुरलीधरन की गेंद पर चकमा खा गए और अपना विकेट गंवा बैठे।
सहवाग के विदा होने के बाद राहुल राहुल द्रविड़ भी 74 रन बनाकर पेवेलियन लौट गए। सहवाग के साथ दूसरे विकेट के लिए 237 रनों की विशाल साझेदारी करने वाले द्रविड़ ने अपने करियर का 58वां अर्धशतक लगाया।
भारतीय टीम ने लक्ष्मण के रूप में अपना पांचवां विकेट गंवाया। लक्ष्मण ने 91 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौकों की मदद से 62 रन बनाए। लक्ष्मण का विकेट 591 रनों के कुल योग पर गिरा था।
लक्ष्मण के आउट होने के बाद कप्तान धौनी को छोड़कर और कोई बल्लेबाज विकेट पर टिक नहीं सका। युवराज सिंह (23), हरभजन सिंह (1), जहीर खान (7) और शांताकुमारन श्रीसंत (8) सस्ते में पेवेलियन लौट गए।
इससे पहले, भारतीय टीम ने तेंदुलकर के रूप में अपना चौथा विकेट गंवाया था। तेंदुलकर 53 रन बनाकर 558 रनों के कुल योग पर पेवेलियन लौटे। उन्हें नुवान कुलसेकरा ने बोल्ड किया। तेंदुलकर ने 103 गेंदों का सामना करते हुए छह चौके लगाए।
श्रीलंका की ओर से मुथैया मुरलीधरन ने सर्वाधिक चार विकेट झटके जबकि स्पिन गेंदबाज रंगना हेराथ ने तीन सफलताएं हासिल कीं। चनाका वेलेगेदारा और नुवान कुलसेकरा को एक-एक सफलता मिली।
खेल का दूसरा दिन पूरी तरह से भारतीय टीम, खासतौर पर सहवाग के नाम रहा था। भारत की ओर से सलामी बल्लेबाज मुरली विजय ने भी 87 रनों की पारी खेली। दूसरे दिन ही श्रीलंका की पहली पारी 393 रनों पर सिमट गई थी।
कानपुर में खेले गए श्रृंखला के दूसरे मैच में पारी और 144 रनों से जीत हासिल कर भारतीय क्रिकेट टीम श्रृंखला में 1-0 से आगे है। अहमदाबाद में खेला गया पहला मैच ड्रा रहा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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