मुरलीधरन को मुंबई में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच के दौरान चोट लगी थी। इस कारण वह भारत के साथ खेली गई दो मैचों की ट्वेंटी-20 श्रृंखला के साथ-साथ राजकोट में मंगलवार को खेले गए पहले एकदिवसीय मुकाबले में भी नहीं खेल सके थे।
दूसरी ओर फर्नाडो को राजकोट एकदिवसीय मुकाबले के दौरान अपनी ही गेंद पर भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी का कैच पकड़ने के प्रयास में चोट लगी थी।
श्रीलंकाई टीम प्रबंधन ने कहा है कि मुरलीधरन को स्वदेश भेजा जा रहा है। श्रीलंकाई टीम के प्रबंधक ब्रेंडन कुरुप्पु ने कहा, "हमने ऐहतियात के तौर पर मुरलीधरन को आराम देने का फैसला किया है। वह चेन्नई के रास्ते स्वदेश लौट जाएंगे। फर्नाडों को भी अंगुली में चोट लगी है। उनके स्थानापन्न की घोषणा शीघ्र ही की जाएगी।"
राजकोट में खेले गए पांच मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला के पहले मैच में श्रीलंकाई टीम बिना किसी विशेषज्ञ स्पिनर के मैदान में उतरी थी। मुरली और असंथा मेंडिस की अनुपस्थिति में उसने दिग्गज खिलाड़ी सनथ जयसूर्या को स्पिन गेंदबाज के रूप में आजमाया था।
मेहमान टीम के एक अन्य प्रमुख तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा चोट के कारण राजकोट में नहीं खेल सके थे। कुरुप्पु ने कहा कि टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि मलिंगा नागपुर में शुक्रवार को खेले जाने वाले दूसरे मुकाबले के लिए समय रहते फिट हो जाएंगे।
राजकोट में मिली तीन रनों की रोमांचक जीत के साथ भारतीय टीम ने इस श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना ली है। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 414 रन बनाए थे जबकि श्रीलंकाई टीम अंतिम गेंद फेंके जाने तक 411 रन ही बना सकी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।