नागपुर में भी जीत का क्रम जारी रखना चाहेगी धौनी ब्रिगेड
टेस्ट श्रृंखला के साथ-साथ मोहाली में खेले गए दूसरे ट्वेंटी-20 मुकाबले में जीत दर्ज करने वाली महेंद्र सिंह धौनी की टीम बेशक राजकोट में जीत के साथ एकदिवसीय श्रृंखला में बढ़त बनाने में सफल रही है लेकिन खराब गेंदबाजी और सुस्त क्षेत्ररक्षण अबता भी उसके लिए चिंता का सबब बने हुए हैं।
दो मैचों की ट्वेंटी-20 श्रृंखला के दौरान उजागर हुईं कई कमियां राजकोट में भी भारतीय टीम के रणनीतिकारों को परेशान करती रहीं। अंतिम दो ओवरों को छोड़ दिया जाए तो गेंदबाज जहां लय से भटके नजर आए वहीं क्षेत्ररक्षकों ने तीन कैच टपकाकर एक बार फिर निराश किया। भारत के सबसे अनुभवी गेंदबाज जहीर खान की जबरदस्त धुनाई तो विशेष रूप से चिंता का विषय है।
खुद कप्तान धौनी ने स्वीकार किया था कि विश्व की सर्वश्रेष्ठ एकदिवसीय और ट्वेंटी-20 टीम बनने के लिए उनकी टीम को अपनी गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में मूलभूत सुधार लाना होगा। यह अलग बात है कि भारतीय टीम का मजबूत बल्लेबाजी क्रम उसकी कई कमियों को ढंक लेता है लेकिन बल्लेबाजों के बूते हर मैच नहीं जीता जा सकता।
नागपुर में भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय यह है कि यह विकेट बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती है और श्रीलंका के कई बल्लेबाज बेहतरीन फार्म में दिख रहे हैं। इसके उलट भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन स्तरीय नहीं रहा है। मोहाली और नागपुर में खेले गए ट्वेंटी-20 मुकाबलों में भारतीय गेंदबाजों ने जहां 200 से अधिक रन लुटाए थे वहीं रोजकोट एकदिवसीय मैच में उनकी गेंदों की खराब लंबाई और दिशा के कारण बल्लेबाजों के 400 से अधिक रन बनाने की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा था।
बहरहाल, भारतीय टीम के लिए अच्छी खबर यह है कि राजकोट में तूफानी शतक लगाने वाले सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग दूसरे मुकाबले के लिए फिट घोषित कर दिए गए हैं लेकिन बुखार के कारण युवराज सिंह का इस मैच में भी खेल पाना तय नहीं है।
सहवाग को क्षेत्ररक्षण के दौरान घुटने में चोट लगी थी। उन्हें इलाज के लिए मैदान से बाहर ले जाया गया था। मैच समाप्ति के बाद ही सहवाग ने कहा था कि टीम के फिजियो के प्रयासों के कारण वह बहुत थोड़े वक्त में ही चलने-फिरने की स्थिति में आ गए थे।
भारतीय टीम प्रबंधन ने कहा है कि सहवाग के घुटने की चोट अब पूरी तरह ठीक हो चुकी है और वह सचिन तेंदुलकर के साथ पारी की शुरुआत करने के लिए तैयार हैं लेकिन बुखार के कारण युवराज का नागपुर में खेलना तय नहीं है। युवराज अंगुली में लगी चोट के कारण राजकोट में भी नहीं खेल सके थे।
टीम प्रबंधन के मुताबिक युवराज के बुखार पर नजर रखी जा रही है, हालांकि उनमें स्वाइन फ्लू के किसी प्रकार के लक्षण नहीं दिखे हैं। उन्हें आराम की सलाह दी गई है और यही वजह है कि उनके खेलने को लेकर संशय बना हुआ है। अंगुली में चोट के कारण युवराज राजकोट में नहीं खेल सके थे।
दूसरी ओर, राजकोट में तीन रन से जीत से महरूम रह गई श्रीलंकाई टीम एक बार फिर मैच जीतने को लेकर पुरजोर कोशिश करेगी। उसके कप्तान कुमार संगकारा, सलामी बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान और उपुल थरंगा, एंजेलो मैथ्यूज, चमारा कापूगेदेरा तथा थिलिना कन्डम्बी अच्छे फार्म में है। राजकोट में माहेला जयवर्धने और सनथ जयसूर्या नाकाम रहे थे लेकिन अनुभव के लिहाज से ये दोनों किसी भी मुकाम पर भारतीयों को भारी पड़ सकते हैं।
स्टार स्पिनर मुथैया मुरलीधरन और तेज गेंदबाज दिलहारा फर्नाडो का श्रृंखला से बाहर होना मेहमान टीम के लिए बड़ा झटका है। इसके बावजूद वह लसिथ मलिंगा, नुवान कुलसेकरा, चनाका वेलेगेदारा और असंथा मेंडिस के बूते भारतीय टीम को सस्ते में समेटने का माद्दा रखती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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