समाचार पत्र 'द आस्ट्रेलियन' के मुताबिक आस्ट्रेलियाई घरेलू क्रिकेट लीग-शेफील्ड शील्ड और आईपीएल के तीसरे संस्करण की तारीखें एक दूसरे से टकरा रही हैं।
यही कारण है कि मोदी ने आस्ट्रेलिया की प्रांतीय टीमों को आईपीएल फ्रेंचाइजी टीमों के साथ करारबद्ध अपने सभी प्रमुख खिलाड़ियों को समय पर स्वतंत्र करने को कहा है।
मोदी का यह बयान संभवत: सीए के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उसने कहा है कि आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी शेफील्ड शील्ड टूर्नामेंट की समाप्ति के बाद ही आईपीएल में खेल सकेंगे।
आईपीएल के पिछले संस्करण में आस्ट्रेलिया के कुछ प्रमुख खिलाड़ी नहीं खेल सके थे लेकिन इसके बाव्जूद उनकी फ्रेंचाइजी टीमों ने उन्हें करार की राशि मुहैया कराई थी। इन खिलाड़ियों में साइमन कैटिच और जस्टिन लेंगर प्रमुख हैं।
मोदी ने कहा, "मैं मानता हूं कि आईपीएल के साथ करारबद्ध खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय कर्तव्य सर्वोपरि है लेकिन चूंकी वे आईपीएल के साथ करार कर चुके हैं लिहाजा मेरा मानना है कि वे आईपीएल के लिए घरेलू मैचों को छोड़ सकते हैं।"
बकौल मोदी, "इसमें कोई हर्ज नहीं। यह शर्तो के लिहाज से जायज है। मार्च-अप्रैल में कई देशों में घरेलू मैच होते हैं लेकिन दूसरे देशों को अपने खिलाड़ियों को आईपीएल के लिए भेजने में कोई आपत्ति नही है।"
फ्रेंचाइजी टीमों ने हाल ही में मोदी से शिकायत की थी कि करार के बावूजद कई प्रमुख खिलाड़ियों के नहीं खेल पाने के कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है।
फ्रेंचाइजी टीमों ने भी इसके लिए उन खिलाड़ियों के घरेलू बोर्ड के अड़ियल रवैये को जिम्मेदार ठहराया था। इसे लेकर मोदी ने फ्रेंचाइजी टीमों को आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
मोदी ने कहा कि आईपीएल में खेलने वाले खिलाड़ियों को अपने घरेलू बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल करना होता है। आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के मामले में यह अनापत्ति प्रमाण पत्र सीए जारी करता है।
प्रांतीय टीमें इसके बावजूद अपने खिलाड़ियों को आईपीएल में खेलने की इजाजत नहीं देती हैं तो आईपीएल प्रबंधन उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकता है। इसके अंतर्गत उन्हें चैम्पियंस लीग के लिए अयोग्य ठहराया जा सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।