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श्रृंखला 4-1 से जीतने के मंसूबे के साथ उतरेगी भारतीय टीम

कोलकाता में खेले गए चौथे एकदिवसीय मैच को जीतकर भारत पांच मैचों की श्रृंखला पहले ही जीत चुका है। दिल्ली में खेला जाने वाला श्रृंखला का आखिरी मैच भी भारतीय टीम हर हाल में अपने नाम करना चाहेगी। श्रृंखला में मेजबान टीम 3-1 की अजेय बढ़त बना चुकी है।

वैसे भारतीय टीम के उत्साह में इजाफा करने वाली बात कप्तान महेंद्र सिंह धौनी की टीम के साथ दोबारा वापसी भी होगी। वह पिछले दो मैचों में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की ओर से लगाए गए प्रतिबंध की वजह से नहीं खेल सके थे। धीमी ओवर गति की वजह से उन पर दो मैचों का प्रतिबंध लगाया गया था।

भारतीय टीम के मनोबल में चार चांद लगाने वाली बात भारत के बल्लेबाजों का बेहतरीन लय में होना है। दोनों सलामी बल्लेबाज मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग टीम को शानदार शुरुआत देते आए हैं। इनमें से कोई भी श्रीलंकाई गेंदबाजों के लिए सिरदर्द साबित हो सकता है।

मेजबान टीम का मध्यक्रम भी शानदार ढंग से अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहा है। गौतम गंभीर और धौनी किसी भी मैच का रुख बदल सकते हैं। युवराज सिंह की कमी खल सकती है लेकिन कोलकाता में विराट कोहली के प्रदर्शन से इस चिंता को भी दरकिनार किया जा सकता है। धौनी और उनके धुरंधरों को अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में भी सुधार करना होगा। टीम का क्षेत्ररक्षण इस पूरी श्रृंखला में बेहद ही औसत दर्जे का नजर आया है।

उधर, भारतीय टीम को पटकनी देने के लिए मेहमानों को काफी मेहनत करनी पड़ सकती है। कप्तान कुमार संगकारा की तरकश में कई ऐसे तीर हैं जो अगर निशाने पर बैठ गए तो भारतीय शेर ढेर हो सकते हैं। श्रीलंका के पास सबसे बड़ा हथियार तिलकरत्ने दिलशान हैं जो पूरी श्रृंखला में भारत के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द साबित हुए हैं। मेहमानों के लिए उपुल थरंगा और खुद कप्तान संगकारा भी जीत की कभी भी इबारत लिख सकते हैं।

वैसे श्रीलंका की चिंता टीम की गेंदबाजी है जो भारतीय बल्लेबाजों के सामने औसत नजर आती है। उनका क्षेत्ररक्षण भी भारत की तुलना में ज्यादा बेहतर नहीं रहा है। इन सबसे अलग मेहमान टीम को भारत के दिग्गजों की काट ढूंढनी पड़ेगी, नहीं तो उसका अपनी साख बचाने का सपना टूट जाएगा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:28 [IST]
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