दिलशान 54 गेंदों पर आठ चौकों की मदद से 49 रन बनाकर युवराज सिंह की गेंद पर कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के हाथों विकेट के पीछे लपके गए। दिलशान ने कप्तान कुमार संगकारा के साथ दूसरे विकेट के लिए 93 रन जोड़े।
श्रीलंका ने अपना खाता खुलने से पहले ही सलामी बल्लेबाज उपुल थरंगा का विकेट गंवा दिया था। थरंगा तीन गेंदों का सामना करने के बाद आशीष नेहरा की गेंद पर विराट कोहली के हाथों लपके गए।
खबर लिखे जाने तक श्रीलंकाई टीम ने 17 ओवरों की समाप्ति के बाद दो विकेट खोकर 95 रन बना लिए थे। संगकारा ने 42 गेंदों पर छह चौकों की मदद से 43 रन बनाए थे जबकि माहेला जयवर्धने एक रन बनाकर खेल रहे थे।
इससे पहले, टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 48.2 ओवर में 245 रन बनाए। 10 चौकों और एक छक्के की मदद से 106 रन बनाने वाले सुरेश रैना के अलावा सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने 27 गेंदों पर सात चौकों की मदद से 42 और रवींद्र जडेजा ने 38 रनों का योगदान दिया।
जडेजा और रैना के बीच छठे विकेट के लिए 106 रनों की बहुमूल्य साझेदारी हुई। एक समय भारतीय टीम ने 60 रन के कुल योग पर पांच विकेट गंवा दिए थे लेकिन उसके बाद रैना और जडेजा ने शानदार साझेदारी करके टीम को सम्मानजनक योग तक पहुंचाया।
श्रीलंका की ओर से नुवान कुलसेकरा ने चार विकेट झटके जबकि चनाका वेलेगेदारा ने तीन सफलता अर्जित की। इसके अलावा सूरज रांडीव, थिसिरा परेरा तथा तिलकरत्ने दिलशान को भी एक-एक विकेट मिला।
भारत ने रवींद्र जडेजा के रूप में अपना छठा विकेट गंवाया और फिर 213 रन के कुल योग पर हरभजन सिंह भी पेवेलियन लौट गए। जडेजा 38 रन बनाकर पेवेलियन लौटे। जडेजा का विकेट 166 रन के कुल योग पर गिरा। उन्होंने 64 गेंदों का सामना किया।
वीरेंद्र सहवाग का विकेट गिरने के बाद बल्लेबाजी के लिए आए जडेजा ने जबरदस्त इच्छाशक्ति का प्रदर्शन करते हुए रैना के साथ छठे विकेट के लिए 106 रन जोड़े। हरभजन ने 11 रन बनाए। हरभजन के विदा होने के बाद जहीर खान (16) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए लेकिन वह ज्यादा देर तक नहीं टिक सके। शांताकुमारन श्रीसंत 49वें ओवर में चार बनाकर अंतिम विकेट के तौर पर पेवेलियन लौटे। आशीष नेहरा दो रन बनाकर नाबाद लौटे।
भारतीय टीम ने 47 रन के कुल योग पर सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर, शानदार फार्म में चल रहे विराट कोहली, युवराज सिंह और कप्तान महेंद्र सिंह धौैनी के विकेट गंवा दिए थे। सहवाग 27 गेंदों पर सात चौकों की मदद से 42 रन बनाकर नुवान कुलसेकरा की गेंद पर कुमार संगकारा के हाथों लपके गए। उस समय भारत का कुल योग 60 रन था।
गंभीर एक रन के कुल योग पर कुलसेकरा की गेंद पर बोल्ड हुए जबकि कोहली का विकेट चार रन के कुल योग पर गिरा। गंभीर खाता भी नहीं खोल सके जबकि पिछले मैच में शतक लगाने वाले कोहली सिर्फ दो रन बना सके।
कोहली का विकेट चनाका वेलेगेदारा के खाते में गया। युवराज का विकेट 16 रन के कुल योग पर गिरा। वह भी बिना कोई रन बनाए पेवेलियन लौटे। धौनी 19 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 14 रन बनाकर कुलसेकरा की गेंद पर संगकारा के हाथों आउट हुए। धौनी का विकेट 47 रन के कुल योग पर गिरा।
भारतीय टीम में सहवाग, जहीर खान और हरभजन सिंह की वापसी हुई है जबकि दिनेश कार्तिक, अमित मिश्रा और सुदीप त्यागी को बाहर बैठना पड़ा है। दूसरी ओर, श्रीलंकाई टीम ने एक परिवर्तन किया है। सुरंग लकमल के स्थान पर तेज गेंदबाज कुलसेकरा को अंतिम-11 में जगह दी गई है।
इस श्रंखला में दोनों टीमों ने तीन-तीन मैच जीते। श्रीलंका ने जहां दूसरे लीग मुकाबले में भारत को पांच विकेट से हराया था, वहीं भारत ने पांचवें मुकाबले में श्रीलंका को आठ विकेट से हराकर हिसाब बराबर किया था।
बांग्लादेश की टीम एक भी मैच नहीं जीत सकी। दोनों टीमों के बीच यह 121वां मुकाबला है। किन्हीं दो देशों के बीच खेले गए मैचों की यह सर्वाधिक संख्या है। आस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच 120 तथा पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच अबतक 119 मैच खेले गए हैं।
तटस्थ आयोजन स्थलों पर भारत का पलड़ा भारी रहा है। श्रीलंका के साथ तटस्थ स्थानों पर उसने 30 मैच खेले हैं, जिनमें से 19 में उसे जीत मिली है जबकि 11 में हार। तटस्थ स्थानों पर खेले गए अंतिम 12 मैचों में भारत को आठ में जीत मिली है। बांग्लादेश में खेले गए मैचों में श्रीलंकाई टीम का पलड़ा भारी रहा है। यहां भारत और श्रीलंका के बीच अब तक कुल पांच मैच हुए हैं, जिनमें से तीन में श्रीलंकाई टीम की जीत हुई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।