ग्वालियर एकदिवसीय मैच 153 रनों से जीतने के बाद सचिन ने कहा कि मैं अपने इस दोहरे शतक के रिकार्ड को राष्ट्र के नाम समर्पित करता हूं साथ ही मुझे इस मुकाम तक पहुंचाने वाले अपने सभी शुभचिंतकों का भी मैं धन्यवाद करता हूं।
सचिन ने कहा, 'मैं रिकार्ड को लक्ष्य बनाकर नहीं खेल रहा था। यह मेरे खेल के प्रति मेरा समर्पण था। मैं अभी भी अपने खेल का आनंद ले रहा हूं और ऐसा ही आगे भी करता रहना चाहूंगा।'
उन्होंने कहा कि बगैर टीम के समर्थन के यह सम्भव नहीं था। 50 ओवरों तक खेलते रहना एक अच्छा और सुखद अनुभव रहा।
उन्होंने कहा, '200 रन बनाना मैंने सोचा नहीं था लेकिन जब मैं इसके करीब पहुंचा तो लगा यह अच्छा मौका है दोहरा शतक का फिर मैंने सिंगल पर अपना ध्यान केन्द्रित किया।' जब 199 के स्कोर पर पहुंचा तो मैं खुद पर किसी भी प्रकार का दबाव महसूस नहीं कर रहा था।
उन्होंने कहा, 'जब तक दिल कहेगा तब तक मैं खेलूंगा। मैं अभी भी अपने खेल का पूरा आनंद ले रहा हूं।'
उल्लेखनीय है कि सचिन ने बुधवार को ग्वालियर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए श्रृंखला के दूसरे एकदिवसीय मैच में दोहरा शतक जड़ा। ऐसा करने वाले वह विश्व के पहले बल्लेबाज हैं। उनकी इस उपलब्धि को शिरोधार्य करते हुए ग्वालियर क्रिकेट संघ ने एक चांदी का बल्ला भेंट किया और साथ ही स्टेडियम के एक पेवेलियन को उनके नाम करने की घोषणा की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।