अपने भारत दौरे से पहले शर्मा ने कहा कि हालांकि यह मामला उनके दायरे से बाहर है लेकिन वह भारत पर लगे आरोपों को लेकर संबंधित अधिकारियों से चर्चा करेंगे। दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा गठित पांच सदस्यीय समिति ने आयोजन समिति पर कामगारों का ध्यान नहीं रखने का आरोप लगाया है।
इस समिति का गठन निर्माण स्थलों पर कार्यरत कामगारों की स्थिति का ध्यान रखने के लिए किया गया था। शर्मा ने सोमवार को पत्रकारों से कहा, "आपके माध्यम से ही मुझे इस बात की जानकारी मिली है। आशा है कि इस संबंध में सुधार होगा। भारत राष्ट्रमंडल खेलों के सफल आयोजन को लेकर कृतसंकल्प है और यही कारण है कि मैं इस मामले में सुधार की गुंजाइश देख रहा हूं।"
शर्मा ने कहा कि यह मामला सीधे तौर पर उनसे नहीं जुड़ा है। बकौल शर्मा, "यह मामला भारत सरकार और राष्ट्रमंडल खेल महासंघ के दायरे में आता है। लेकिन चूंकि इन खेलों का आयोजन राष्ट्रमंडल के बैनर तले हो रहा है, लिहाजा हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम इसे संज्ञान में लें।"
समाचार पत्र 'टाइम्स ऑफ इंडिया' ने जांच समिति की सदस्य और अमेरिका में भारत की पूर्व राजदूत अरुं धति घोष के हवाले से लिखा था, "हमारे पास दुनिया को यह दिखाने का मौका था कि हम किस प्रकार काम करते हैं लेकिन इस दिशा में हम पूरी तरह नाकाम रहे हैं। खेल आयोजन स्थलों पर काम करने वाले लोगों के प्रति हमारा व्यवहार ठीक नहीं है।"
लंदन स्थित राष्ट्रमंडल खेल महासंघ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी माइक हूपर ने पत्र के साथ बातचीत में कहा था कि समिति द्वारा पेश रिपोर्ट के आधार पर महासंघ उन कांट्रेक्टरों और ऑपरेटरों के खिलाफ भारतीय कानून के दायरे में रहकर कड़ी कार्रवाई करेगा, जो नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।