शाहरुख ने सोशल नेटवर्किं ग वेबसाइट 'ट्विटर' के माध्यम से जानकारी दी, "हमने कोच्चि फ्रेंचाइजी से जुड़े विवाद के माध्यम से सामने आईं सुनंदा या फिर किसी अन्य के सामने नाइट राइर्ड्स में हिस्सेदारी का कोई प्रस्ताव नहीं रखा।"
सुनंदा ने दावा किया था कि नाइट राइर्ड्स के करीम मोरानी ने उनके सामने सलाहकार और हिस्सेदार के तौर पर काम करने का प्रस्ताव रखा था लेकिन समय की कमी के कारण वह उस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं कर सकी थीं।
कोच्चि फ्रेंचाइजी टीम से जुड़े विवाद को लेकर चर्चा में आईं सुनंदा ने बुधवार को कहा था वह विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर की 'प्रॉक्सी' (प्रतिनिधि) के तौर पर काम नहीं कर रही हैं। सुनंदा के मुताबिक वह एक सफल उद्यमी हैं और उनके पास फ्रेंचाइजी में हिस्सेदारी खरीदने की क्षमता है।
आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी द्वारा कोच्चि फ्रेंचाइजी टीम के हिस्सेदारों के नामों की घोषणा करने बाद ही सुनंदा का नाम पहली बार सामने आया था। मोदी के मुताबिक थरूर की करीबी मित्र सुनंदा के पास कोच्चि टीम खरीदने वाली कंपनी रेंदेवू स्पोर्ट्स की स्वतंत्र हिस्सेदारी है।
अपनी सफाई में सुनंदा ने कहा था कि पिछले वर्ष रेंदेवू स्पोर्ट्स ने उनसे संपर्क किया था। कंपनी चाहती थी कि वह उसके लिए विभिन्न खेल गतिविधियों के लिए सलाहकार के तौर पर काम करें। इसके बदले कंपनी ने उन्हें हिस्सेदारी देने का वादा किया था, जिसमें कुछ भी गलत नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।