नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति ने इस वर्ष अक्टूबर में राष्ट्रीय राजधानी में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के मद्देनजर केरल और पश्चिम बंगाल के 150 से अधिक मालिशियों और फिजियोथेरेपिस्टों की सेवाएं लेने का फैसला किया है।
इस वर्ष तीन से 14 अक्टूबर के बीच होने वाले 19वें राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान हजारों की संख्या में एथलीट नई दिल्ली पहुंचेंगे। उनकी मालिश के लिए बड़ी संख्या में मालिशियों की जरूरत होगी।
भारत में खेलों से जुड़े विशेषज्ञ मालिशिए आसानी से नहीं मिलते। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) की देखरेख में अभी 10 मालिशिए काम कर रहे हैं। ऐसे में राष्ट्रमंडल खेलों के मद्देनजर देश को बड़ी संख्या में मालिशियों की जरूरत है।
इसी जरूरत को पूरा करने के लिए आयोजन समिति ने दूसरे राज्यों में मालिशियों की खोज शुरू की और भारतीय चिकित्सका पद्धति से जुड़े 150 से अधिक आयुर्वेदिक मालिशियों को खेलों के लिहाज से प्रशिक्षित करने का फैसला किया।
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य सचिव जे.पी. सिंह ने आईएएनएस को बताया, "हमने 150 से अधिक आयुर्वेदिक मालिशियों को खेलों के लिहाज से प्रशिक्षित करने का फैसला किया है। इनमें से अधिकांश मालिशिए केरल के स्वास्थ्य निदेशालय द्वारा चुने गए हैं। "
इसके अलावा दिल्ली सरकार ने केरल और बंगाल में ऐसे 100 लोगों की पहचान की है, जिन्हें फिजियोथेरेपी का प्रशिक्षण दिया जाना है। चुने गए आयुर्वेदिक मालिशियों को विदेशी विशेषज्ञों को माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा।
किसी खेल आयोजन में मालिशियों की अहम भूमिका होती है। साकेट स्थित मैक्स अस्पताल के फिजियोथेरेपी विभाग की अध्यक्ष अलकनंदा बनर्जी ने आईएएनएस को इस संबंध में बताया, "खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने की दिशा में मालिशियों की बेहद अहम भूमिका होती है। मालिशियों की हॉकी, फुटबाल एवं अन्य खेलों में जरूरत होती है। मालिशियों की जरूरत खेल से पहले, खेल के दौरान और खेल के बाद कभी भी पड़ सकती है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।