आईपीएल सहयोगी जांच के दायरे में, कई शहरों में छापा (लीड-2)
पिछले बुधवार को कोच्चि फ्रेंचाइजी से शुरू हुई आयकर विभाग की जांच का दायरा गुरुवार को ही बढ़ गया था। आयकर विभाग इस संदर्भ में कई शहरों में लगातार छापा मार रहा है।
आईटी अधिकारियों ने डेक्कन क्रानिकल के परिसर में स्थित आईपीएल फ्रेंचाइजी, डेक्कन चार्जर्स के कार्यालय पर बुधवार को छापा मारा।
जांच के दायरे में आई 10 फ्रेंचाइजी टीमों में कोच्चि का रेंडेजवाउज स्पोर्ट्स, पुणे का सहारा समूह, मुंबई इंडियन्स, दिल्ली डेयरडेविल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू, डेक्कन चार्जर्स, चेन्नई सुपर किंग्स, राजस्थान रॉयल्स और किंग्स 11 पंजाब शामिल हैं।
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) से जुड़ी कंपनियां भी आयकर विभाग के निशाने पर आ गई हैं। आयकर विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को आईपीएल से जु़ड़ी मुंबई की तीन इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों और प्रसारणकर्ताओं के ठिकानों पर छापे मारे।
आयकर जांच निदेशालय के 50 से अधिक अधिकारियों के एक दल ने बांद्रा स्थित मल्टी स्क्रीन मीडिया, खार स्थित वर्ल्ड स्पोर्ट्स ग्रुप और मलाड स्थित पेट मेगनारेल्ला मैनेजमेंट कंपनियों के परिसर में पहुंच कर जांच आरंभ कर दी।
मल्टी स्क्रीन मीडिया जो पहले सोनी इंटरटेनमेंट टेलीविजन के नाम से जानी जाती थी, को वर्ष 2008 से 18 वर्षो के लिए आईपीएल ट्वेंटी-20 के प्रसारण का अधिकार मिला हुआ है। जबकि वल्र्ड स्पोर्ट्स ग्रुप को 10 वर्षो के लिए वैश्विक मीडिया अधिकार मिला है।
इसके साथ ही प्रवर्तन निदेशालय ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून के तहत एक मामला दर्ज किया है। इसके तहत भारतीय रिजर्व बैंक की अनुमति के बगैर अनधिकृत रूप से बड़ी मात्रा में विदेशी धन के हस्तांतरण की जांच की जाएगी।
आयकर अधिकारियों ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) और कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) से संबंधित दस्तावेजों की तलाशी और जब्ती के लिए बुधवार को ईडन गरडस पर छापा मारा।
दोपहर करीब तीन बजे आयकर के आठ अधिकारी स्टेडियम पहुंचे और आईपीएल और उसकी फ्रेंचाइजी केकेआर से जुड़े दस्तावेजों की छानबीन की।
फ्रेंचाइजी की मालिक कंपनी रेड चिलीज इंटरटेनमेंट के शेक्सपियर सरनी स्थित कार्यालय पर भी आयकर विभाग ने छापा मारा। इस कंपनी के मालिक बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान हैं।
आयकर अधिकारियों ने बुधवार को चेन्नई सुपर किंग्स की मालिक कंपनी इंडिया सीमेंट्स लिमिटेड के कार्यालय पर छापा मारकर बहीखातों की जांच की।
कंपनी ने वर्ष 2008 में चेन्नई सुपर किंग्स टीम को 9.1 करोड़ डॉलर में खरीदा था।
इंडिया सीमेंट्स लिमिटेड के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक एन.श्रीनिवासन भारतीय क्रिकेट बोर्ड के सचिव भी हैं और उनका दामाद गुरुनाथ मेयप्पन चेन्नई सुपर किंग्स का सार्वजनिक चेहरा है।
इस दौरान प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर वित्त मंत्रालय की विभिन्न जांच शाखाओं ने अपने-अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है।
वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि मुख्य चिंता यह है कि हवाला के जरिए विदेशों में गए पैसे को कैसे वापस लाया जाए।
फ्रेंचाइजी टीमों के कुछ निदेशकों को दी गई मुफ्त हिस्सेदारी की भी जांच की जा रही है।
प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून (फेमा) के तहत एक मामला दर्ज किया है और अब विदेशी धन के हस्तांतरण की एक खुली जांच की जाएगी।
आईपीएल के खिलाफ मामला फेमा की धारा 3 के तहत दर्ज किया गया है जिसके अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक की अनुमति के बगैर विदेशी मुद्रा का विनिमय प्रतिबंधित है।
इस बीच आयकर विभाग के विभिन्न दल पूरे देश में आईपीएल में लगे पैसे के स्रोत की जांच में लगे हैं।
आयकर विभाग के अधिकारियों ने पिछले सप्ताह बुधवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के कार्यालय का दौरा किया था। विभाग ने एक विशेष प्रौद्योगिकी का उपयोग किया, जिसके माध्यम से कंप्यूटर, मोबाइल फोन और पेन ड्राइव सहित अन्य किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण में सुरक्षित आंकड़े सीधे स्थानांतरित किए जा सकते हैं।
आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय और सेवा कर महानिदेशालय सहित विभिन्न एजेंसियां आईपीएल के कर और धन स्रोतों की जांच में समन्वय के साथ काम कर रही हैं।
आईपीएल विवाद के मद्देनजर कांग्रेस सांसद व भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की।
सूत्रों के मुताबिक शुक्ला ने इस मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री को आईपीएल विवाद से अवगत कराया। शुक्ला आईपीएल की कार्यकारी परिषद में हैं और बीसीसीआई की वित्तीय समिति के अध्यक्ष भी हैं।
बाद में पत्रकारों से बातचीत में शुक्ला ने कहा, "क्रिकेट और बीसीसीआई की छवि धूमिल न हो इसके लिए हम किसी के भी खिलाफ कोई भी कार्रवाई करने में हिचकेंगे नहीं।"
दूसरी ओर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश करात ने बुधवार को कहा कि आईपीएल विवाद की जांच के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का गठन किया जाना चाहिए।
संवाददाताओं से चर्चा में करात ने कहा, "सरकार को एक भरोसेमंद एजेंसी से मामले की जांच करानी चाहिए और एक जेपीसी जांच का स्वागत है।"
करात ने जोर दिया कि आईपीएल कोई खेल नहीं है। यह एक ऐसा मंच है जहां बेहिसाब पैसा बह रहा है।
उन्होंने कहा कि पूर्व विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर के मंत्री पद छोड़ने या आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी की विदाई से मौजूदा विवाद समाप्त नहीं होता। सभी फ्रेंचाइजी और उनके हिस्सेदारों की पूरी जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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