चकित करने वाला फैसला ऐसे समय में सामने आया है, जब महिंद्रा यूनाइटेड ने आई-लीग में दूसरा स्थान हासिल किया है और उसके खिताब जीतने की भी उम्मीद है। वर्ष 1962 में शुरू हुआ यह क्लब एक सर्वश्रेष्ठ क्लब रहा है और इसने दुरांद कप, नेशनल लीग, आईएफए शील्ड, फेडरेशन क्लब, प्रेसीडेंट कप और सुपर कप सहित सभी प्रमुख चैंपियनशिप जीते हैं। यह टीम मुंबई फुटबाल लीग की सन 1971 से 15 बार चैंपियन रह चुकी है।
महिंद्रा यूनाइटेड के अध्यक्ष एलन दुरांते ने आईएएनएस को मुंबई से फोन पर बताया कि कंपनी ने इस फुटबाल क्लब को बंद करने और स्कूली फुटबाल पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया है।
दुरांते ने आईएएनएस को बताया, "एक फुटबाल क्लब चलाकर हम देश में इस खेल को बढ़ाने में अपना योगदान नहीं दे पा रहे थे। देश में केवल 300-400 फुटबाल खिलाड़ी हैं जिन्हें उच्च स्तर पर फुटबाल खेलने का मौका मिल पाता है। अब हम स्कूली स्तर पर फुटबाल को विकसित करने पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगे।"
भारतीय फुटबाल की शीर्ष हस्तियां अब महिंद्रा के प्रबंध निदेशक आनंद महिंद्रा से मुलाकात करने और इस निर्णय को बदलने के लिए उन पर दबाव बनाने की योजना बना रही हैं। अखिल भारतीय फुटबाल फेडरेशन (एआईएफएफ) के महासचिव अलबटरे कोलैको ने कहा कि वह इस मुद्दे पर फेडरेशन के अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल से बात करेंगे। पटेल पश्चिम भारत फुटबाल एसोसिएशन के प्रमुख भी हैं।
कोलैको ने कहा, "हमें क्लब की ओर से कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। लेकिन हम इस मुद्दे पर पटेल से चर्चा करेंगे।"
लेकिन ऐसा लगता है कि इस मुद्दे पर महिंद्रा को समझा पाना लोगों के लिए कठिन काम होगा।
इस घटना पर टिप्पणी करते हुए महिंद्रा ने कहा है, "यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण है, क्योंकि हम प्रतिस्पर्धात्मक फुटबाल से आगे निकल कर अपनी ऊर्जा और कोशिशों को युवा फुटबाल खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने में लगाएंगे। महिंद्रा यूनाइटेड फुटबाल के क्षेत्र में हमारी विरासत और यात्रा का एक अभिन्न हिस्सा है। हमें अपनी टीम पर गर्व है, जिसने महिंद्रा यूनाइटेड और महिंद्रा ब्रांड को सफलता और सम्मान दिलाया है। हमें भरोसा है कि हमारा नया दृष्टिकोण देश में खेल को नई ऊंचाई देने में लंबी दूरी तय करेगा। हम तमाम युवाओं तक पहुंचने में, नई प्रतिभाएं तलाशने में और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका मुहैया कराने में सक्षम होंगे।"
लेकिन खिलाड़ी इस घटना से चिंतित हैं और वे महसूस करते हैं कि यह निर्णय गलत समय पर लिया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।