अजलान शाह हॉकी : भारत की लगातार दूसरी जीत (लीड-1)
इस जीत ने भारतीय टीम को सात टीमों की तालिका में सबसे ऊपर पहुंचा दिया है। भारतीय टीम ने तीन मैचों से सर्वाधिक सात अंक जुटाए हैं। कोरिया ने तीन मैचों से चार अंक जुटाए हैं। आस्ट्रेलिया के एक मैच से तीन अंक हैं।
भारतीय टीम ने शुक्रवार को खेले गए अपने दूसरे लीग मुकाबले चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 4-2 से हराया था जबकि पहले मुकाबले में चीन ने उसे 1-1 की बराबरी पर रोक दिया था।
भारत ने कोरिया से 2007 के एशिया कप फाइनल में मिली हार का हिसाब भी बराबर कर लिया है। हैदराबाद के गोचीवल्ली स्पोर्ट्स काम्पलेक्स में कोरियाई टीम ने भारत को पराजित करके एशियाई खिताब जीता था।
कोरियाई टीम ने इस अहम मुकाबले में अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप खेल नहीं दिखाया। उसे कुल 11 पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन वह सिर्फ दो को गोल में तब्दील कर सकी। उसने अपना दूसरा गोल 70वें मिनट में किया। उस समय तक उसके मैच में लौटने की कोई उम्मीद नहीं रह गई थी।
भारतीय टीम को भी दो पेनाल्टी कार्नर (छठे और सातवें) मिनट में मिले लेकिन वह भी गोल करने में सफल नहीं हो सकी। दूसरे पेनाल्टी कार्नर पर सरदार सिंह ने कोरियाई गोलकीपर ली मियुंग हो को छकाने का भरपूर प्रयास किया लेकिन गेंद उनके हेलमेट से टकराकर लौट गई।
इसके बाद भी भारतीय टीम ने हार नहीं मानी। 10वें मिनट में शिवेंद्र सिंह ने शानदार मूव बनाते हुए बाईं ओर से डी-एरिया में खड़े अर्जुन हलप्पा के लिए एक शानदार पास दिया। हलप्पा को सिर्फ इस पास को एक दिशा देनी थी और उन्होंने इस काम को बखूबी अंजाम दिया। इस तरह भारतीय टीम 1-0 से आगे हो गई।
दक्षिण कोरियाई टीम ने इसका जवाब 12वें मिनट में मिले पेनाल्टी कार्नर पर दिया। दिगग्ज डिफेंडर नैम ह्यू वू ने गेंद को हवा में उछाला, जिसके लिए भारतीय गोलकीपर भरत छेत्री बिल्कुल तैयार नहीं थे। गेंद गोलपोस्ट की छत के कोने से टकराई और कोरिया ने 1-1 की बराबरी कर ली।
इसके बाद मध्यांतर तक कोई और गोल नहीं हुआ। 45वें मिनट में भारतीय टीम ने एक और गोल करके 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। इस बार भी गोल करने में शिवेंद्र की भूमिका रही। उनके एक पास को तुषार खांडेकर ने बेहतरीन अंदाज में डिफलेक्ट किया और अपनी टीम को आगे कर दिया।
इसके बाद कोरिया को कई और पेनाल्टी कार्नर मिले लेकिन वह इन मौकों को भुना नहीं सका। 60वें मिनट में भारत ने एक जोरदार हमला किया और 3-1 की बढ़त हासिल कर ली।
पाकिस्तान और चीन के खिलाफ फीका खेल दिखाने वाले शिवेंद्र ने एक बार फिर गोल करने में योगदान दिया। शिवेंद्र ने मुज्तबा दानिश के शानदार क्रॉस को दिशा देकर अपनी टीम को बढ़त दिला दी।
इस स्कोर के बाद भारत को समय बिताने की जरूरत थी। अगले नौ मिनट तक भारतीय खिलाड़ी ऐसा करने में सफल रहे लेकिन 70वें मिनट में कोरिया ने हूंग वू के प्रयासों से स्कोर 2-3 करने में तो सफलता हासिल कर ली लेकिन मैच उसके हाथ से निकल गया।
भारत का अगला मैच 10 मई को विश्व चैम्पियन आस्ट्रेलिया से होना है। यह मैच भारत के लिए बेहद अहम है क्योंकि भारतीय टीम को हीरो होंडा एफआईएच विश्व कप-2010 के ग्रुप स्तर में आस्ट्रेलिया से मिली हार का हिसाब बराबर करना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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