फुटबाल खिलाड़ी न होते तो सैनिक होते बेकहम
वेबसाइट 'न्यूज ऑफ द वर्ल्ड' के मुताबिक बेकहम इन दिनों अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में हैं। वह गृहयुद्ध झेल रहे इस देश में मोर्चा संभाले अपने और दूसरे देशों के सैनिकों की हौसलाअफजाई के लिए पहुंचे हैं।
पैर में लगी चोट के कारण बेकहम दक्षिण अफ्रीका में अगले महीने खेले जाने वाले फुटबाल विश्व कप में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं। बेकहम ने कहा है कि सैनिक असली देशभक्त होते हैं कि क्योंकि वे बिना किसी स्वार्थ के देश की सेवा करते हैं।
सैनिकों से मुखातिब बेकहम ने कहा, "मैं अगर फुटबाल खिलाड़ी नहीं होता तो अपने देश की सेना में भर्ती हो गया होता। सैनिकों के लिए मेरे मन में अथाह प्यार और सम्मान है। मेरा मानना है कि वे ही असली हीरो हैं।"
35 वर्षीय बेकहम ने काबुल में ब्रिटेन और अमेरिकी सैनिकों के साथ निशानेबाजी में भी हाथ आजमाया लेकिन वह सिर्फ एक मौके पर लक्ष्य पर निशाना साध सके।
उन्होंने कहा, "मैंने आपकी आंखों में गजब का आत्मविश्वास देखा है। आपका मनोबल उदाहरणयोग्य है। आप इस विश्व के सबसे सम्मानित और निडर लोगों में एक हैं। इस बात के लिए आपको खुद पर गर्व होना चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
- Male
- Female
- Others
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications