फीफा विश्व कप : उरुग्वे को बढ़ाना होगा खेल का स्तर
उरुग्वे ने अब तक दो बार विश्व कप खिताब जीता है लेकिन उस वक्त को बीते एक जमाना हो चुका है। इस देश ने 1930 और 1950 में इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी पर कब्जा किया था।
हाल के दिनों में उसका प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है। वर्ष 1998 के बाद से वह चार संस्करणों से सिर्फ एक में हिस्सा ले सका है। वर्ष 2002 में जापान और दक्षिण कोरिया की संयुक्त मेजबानी में हुए विश्व कप में यह टीम पहले दौर से ही बाहर हो गई थी।
इस टीम से इस बार देशवासियों को काफी उम्मीदें हैं क्योंकि दिग्गज कोच ऑस्कर ताबारेज ने तीन वर्ष के अथक परिश्रम के बाद एक ऐसे खिलाड़ियों की फौज तैयार की है, जो किसी भी टीम से लोहा लेने में सक्षम है।
इस टीम में एक तरफ जहां फोरलान, लुगानो और सबास्टियन अबेरू जैसे अनुभवी खिलाड़ी हैं वहीं दूसरी ओर इसके पास लुइस साउरेज, अल्वारो पेरेरा और गोलकीपर फर्नाडो मुश्लेरा जैसे युवा और तेजतर्रार खिलाड़ी हैं।
उरुग्वे की टीम अब तक 10 बार विश्व कप में हिस्सा ले चुकी है। उसने 1930, 1950, 1954, 1962, 1966, 1970, 1974, 1986, 1990 और 2002 में विश्व कप में अपनी उपस्थित दर्ज करा चुकी है।
उरुग्वे की टीम को दक्षिण अफ्रीका में ग्रुप-ए में रखा गया है। इस ग्रुप में मेजबान दक्षिण अफ्रीका, मेक्सिको और फ्रांस की टीमें हैं। उरुग्वे का पहला मैच 11 जून को फ्रांस के साथ और दूसरा मैच 16 जून को दक्षिण अफ्रीका के साथ होना है। उसका तीसरा मैच 20 जून को मेक्सिको के साथ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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