पीसीबी ने कहा है कि यूसुफ जब चाहें संन्यास का फैसला लेकर राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बन सकते हैं लेकिन यूसुफ इसके लिए तैयार नहीं दिख रहे हैं। वह इस बात को लेकर और नाराज हो गए हैं कि पीसीबी ने उनके कई साथियों पर लगाए गए प्रतिबंध को समाप्त कर दिया है लेकिन उनकी सजा जारी रखी है।
समाचार पत्र 'द न्यूज' के मुताबिक पीसीबी ने तीन मार्च को यूसुफ को एक पत्र भेजकर अपने ऊपर लगे आजीवन प्रतिबंध की सजा के खिलाफ अपील करने को कहा था। पीसीबी चाहता है कि यूसुफ अपील करें और वह उन्हें प्रतिबंध मुक्त कर दे।
इस संबंध में पीसीबी अध्यक्ष एजाज बट्ट ने यूसुफ को लिखे सबसे ताजा पत्र में लिखा है कि यूसुफ अगर संन्यास तोड़ने के लिए तैयार हैं तो राष्ट्रीय टीम में वापसी के सभी रास्ते उनके लिए खुले हैं। यूसुफ की ओर से पीसीबी को अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।
पीसीबी ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ जनवरी में खराब प्रदर्शन करने और अनुशासनहीनता दिखाने के आरोप में सात खिलाड़ियों पर प्रतिबंध और जुर्माना लगाया था। युसूफ और पूर्व कप्तान यूनिस खान पर आजीवन प्रतिबंध लगाया गया था जबकि एक अन्य पूर्व कप्तान शोएब मलिक पर एक वर्ष का प्रतिबंध लगा था।
यूनिस और शोएब ने अपनी सजा के खिलाफ अपील की थी और उन्हें माफ भी कर दिया गया है लेकिन पीसीबी के इस रुख से नाराज यूसुफ ने अपील करने से इंकार कर दिया था और साथ ही अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था।
अब जबकि पाकिस्तानी टीम को इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया के साथ महत्वपूर्ण टेस्ट श्रृंखला खेलनी है, खुद कप्तान शाहिद अफरीदी और कई अन्य पूर्व क्रिकेटरों ने यूसुफ से संन्यास तोड़कर राष्ट्रीय टीम में लौटने की अपील की है। यूसुफ ने फिलहाल अब तक किसी की नहीं सुनी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।