विश्व के दूसरी वरीयता प्राप्त नारंग ने क्वोलीफाइंग दौर में 597 अंक हासिल किए थे और फाइनल राउंड में उन्होंने 102 अंक अपनी झोली में डाले। इस प्रकार उन्हें 699 अंक मिले और उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया।
ओलंपिक में देश को स्वर्ण पदक दिलाने वाले अभिनव बिंद्रा 25वें स्थान पर रहे और फाइनल दौर में पहुंचने में असफल रहे।
प्रतिस्पर्धा के दौरान इटली के निशानेबाज निक्कोलो कैम्प्रियानी कुल 702.5 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहे। जबकि हंगरी के खिलाड़ी पीटर सिदी ने 700.4 अंको के साथ रजत पदक हासिल किया।
देश के सबसे प्रतिष्ठित खेल पुरस्कार 'राजीव गांधी खेल रत्न' को पाने से नारंग शुक्रवार को वंचित रह गए थे। चयन समिति ने बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना था। निशानेबाजी के राष्ट्रीय कोच सन्नी थामस ने कहा कि यह कांस्य पदक पी. टी. उषा के नेतृत्व वाले पुरस्कार चयन समिति को करारा जवाब है।
थामस ने म्यूनिख से आईएएनएस को बताया, "पुरस्कार पाने से वंचित रहने पर नारंग ने मुझसे अपनी निराशा जाहिर की थी। मैंने उससे कहा कि मेडल जीत लो और दुनिया को दिखा दो कि तुम खेल रत्न के लिए योग्य हो।"
गौरतलब है कि नारंग राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।