दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंकाई टीम ने चार विकेट के नुकसान पर 293 रन बना लिए थे। विशेषज्ञ टेस्ट बल्लेबाज थिलन समरवीरा 143 गेंदों पर छह चौकों की मदद से 65 रन बनाकर नाबाद लौटे जबकि हरफनमौला खिलाड़ी एंजेलो मैथ्यूज ने 39 गेंदों पर तीन चौकों की सहायता से 26 रन बनाए थे।
दोनों बल्लेबाज पांचवें विकेट के लिए नाबाद 52 रन जोड़ चुके हैं। सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर समाप्त हुए दूसरे टेस्ट मैच के उबाऊ समापन के बाद श्रृंखला में 2-0 की बढ़त हासिल करने के इरादे से मैदान में उतरी मेजबान टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही।
मेजबान टीम ने मात्र 15 रन पर थरंगा पारानाविताना के रूप में अपना पहला विकेट गंवा दिया था लेकिन उसके बाद सभी बल्लेबाजों ने उपयोगी योगदान देते हुए अपनी टीम को संतोषजनक स्थिति में पहुंचा दिया।
समरवीरा और मैथ्यूज के अलावा टीम को अच्छी स्थिति में पहुंचाने में सलामी बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान (41), कप्तान कुमार संगकारा (75) और पूर्व कप्तान माहेला जयवर्धने (56) ने महत्वपूर्ण योगदान निभाया।
इस श्रृंखला में दो शतक लगा चुके पारानाविताना हालांकि दुर्भाग्यशाली रहे। वह मात्र आठ रन बनाकर ईशांत शर्मा की गेंद पर कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के हाथों लपके गए। श्रीलंका का दूसरा विकेट दिलशान के रूप में गिरा। दिलशान 70 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 40 रन बनाकर भोजनकाल से ठीक पहले रन आउट हुए। दिलशान को रन आउट करने में धौनी और मुरली विजय का योगदान रहा।
श्रीलंका ने 157 रनों के कुल योग पर कप्तान संगकारा का विकेट गंवाया था। 75 रन बनाने वाले मेजबान कप्तान का विकेट प्रज्ञान ओझा ने लिया। संगकारा ने 114 गेंदों पर पांच चौके और दो छक्के लगाए। ओझा ने उन्हें वीरेंद्र सहवाग के हाथों कैच कराया।
इसके बाद जयवर्धने और समरवीरा ने चौथे विकेट के लिए 84 रन जोड़े। यह साझेदारी बड़ा रूप ले सकती थी लेकिन ओझा ने जयवर्धने को पगबाधा आउट करके भारतीय टीम को बड़ी सफलता दिलाई। जयवर्धने ने 154 गेंदों की जुझारू पारी में तीन चौके लगाए।
मैच शुरू होने से पहले भारत को एक बड़ा झटका लगा। ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह फिट नहीं होने की वजह से मैच में नहीं खेल सके। हरभजन की अनुपस्थिति में भारतीय टीम प्रबंधन ने दो स्पिनरों-प्रज्ञान ओझा और अमित मिश्रा के साथ उतरने का फैसला किया।
ओझा ने दो विकेट लेकर अपने चयन को सार्थक साबित किया लेकिन मिश्रा एक भी सफलता हासिल नहीं कर सके। गॉल टेस्ट में चार विकेट लेकर अपने करियर का शानदार आगाज करने वाले तेज गेंदबाज अभिमन्यु मिथुन भी इस पारी में कोई प्रभाव नहीं छोड़ सके।
इससे पहले, सोमवार को सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर को भी इस टेस्ट के लिए अनफिट घोषित किया गया था। गंभीर के घुटने में सूजन है। इसी सूजन के कारण वह सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में भी नहीं खेल सके थे।
तीन मैचों की श्रृंखला में मेजबान टीम 1-0 की बढ़त बनाए हुए है। उसने गॉल में खेला गया पहला टेस्ट मैच 10 विकेट से जीता था जबकि कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेला गया दूसरा टेस्ट मैच बेनतीजा समाप्त हुआ था।
तेंदुलकर ने स्टीव वॉ का रिकार्ड तोड़ा :
इस मैच में उतरने के साथ ही भारत के दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने सर्वाधिक 168 टेस्ट मैच खेलने का आस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ का रिकार्ड तोड़ दिया। तेंदुलकर अपने करियर के 169वें मैच में खेल रहे हैं।
तेंदुलकर ने कोलंबो में सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेले गए दूसरे टेस्ट मैच के लिए मैदान में उतरने के साथ ही वॉ के विश्व रिकार्ड की बराबरी की थी। वॉ टेस्ट मैचों से संन्यास ले चुके हैं और उसके बाद आस्ट्रेलिया के एलन बार्डर (156) इस क्रम में तीसरे स्थान पर हैं।
मौजूदा खिलाड़ियों में आस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान रिकी पोंटिंग 145 टेस्ट मैचों के साथ इस सूची में चौथे स्थान पर हैं जबकि भारत के राहुल द्रविड़ 141 टेस्ट मैचों के साथ पांचवें क्रम पर हैं।
वर्ष 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट करियर का आगाज करने वाले तेंदुलकर ने 168 टेस्ट मैचों की 274 पारियों में 29 बार नाबाद रहते हुए अब तक कुल 13742 रन अपने नाम किए हैं। इनमें 48 शतक और 55 अर्धशतक शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।