भारतीय टेनिस लॉबी के सबसे प्रभावशाली प्रशासक और अखिल भारतीय टेनिस संघ के सचिव खन्ना ने अपने बेटे की कंपनी को फायदा पहुंचाने के आरोपों के बाद गुरुवार को इस्तीफा दे दिया।
आयोजन समिति के महासचिव ललित भनोत ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में मट्टू को जिम्मेदारी सौंपे जाने की घोषणा की। भनोत ने कहा कि खन्ना ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है और उसे स्वीकार भी कर लिया गया है।
खन्ना ने हालांकि खुद को किसी भी तरह के घपले से दूर बताया है। खन्ना पर बेटे आदित्य की कंपनी रीबाउंड-एस को आर. के. खन्ना स्टेडियम में सिंथेटिक टर्फ बिछाने का ठेका दिलाने का आरोप है।
खन्ना ने कहा कि वह नैतिक आधार पर अपना पद छोड़ रहे हैं लेकिन बेटे की कंपनी को ठेका दिलाने में उनका कोई हाथ नहीं है। खन्ना के बेटे आदित्य रीबाउंड एस की भारतीय ईकाई में मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद पर कार्यरत हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि आदित्य की कंपनी ने डीएलटीए परिसर में जो 14 टर्फ लगाए हैं उनमें भारी कमियां हैं।
आर. के. खन्ना स्टेडियम में ही राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान टेनिस स्पर्धाओं का आयोजन होना है। एक भारतीय समाचार पत्र ने गुरुवार को खुलासा किया है कि आस्ट्रेलियन ओपन के आयोजकों ने जिस टर्फ को बेकार करार देकर नकार दिया था, उसे भारत लाकर डीएलटीए परिसर में लगाया गया है।
खन्ना ने गुरुवार को अपने इस्तीफे के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में तमाम आरोपों से इंकार किया और कहा कि उन्होंने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया है क्योंकि वह नहीं चाहते कि उनके कारण उनके बेटे के पद पर कोई आंच आए।
खन्ना ने कहा, "मैंने कोषाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। मैं इस संबंध में नैतिक जिम्मेदारी ले रहा हूं लेकिन मैं साफ कर देना चाहता हूं कि मैं टर्फ लगाने के लिए कंपनियों के चयन की प्रक्रिया में शामिल नहीं था।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।