एफआईएच ने खेल मंत्रालय के तर्क को खारिज किया
नई दिल्ली, 9 अगस्त (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय हॉकी परिसंघ (एफआईएच) के अध्यक्ष लीएंड्रो नीग्रे ने सोमवार को खेल मंत्रालय से कहा कि वह केवल हॉकी इंडिया (एचआई) को देश में हॉकी की प्रतिनिधि संस्था के रूप में मान्यता देंगे। वह के.पी.एस.गिल के नेतृत्व वाले भारतीय हॉकी परिसंघ (आईएचएफ) सहित किसी अन्य संस्था को मान्यता नहीं देंगे।
नीग्रे ने खेल मंत्रालय को सोमवार को भेजे एक पत्र में कहा है कि एफआईएच ने 2000 में दिशानिर्देशों का पालन न करने के लिए आईएचएफ की मान्यता समाप्त कर दी थी।
मंत्रालय ने एफआईएच को फिर से पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि केवल सरकार के पास ही यह तय करने का अधिकार है कि वह किसी खेल परिसंघ की स्थिति के बारे में कोई फैसला करे। और चूंकि एचआई ने दावा किया है कि वह एक निजी संस्था है, लिहाजा उसे एक सरकारी राष्ट्रीय खेल परिसंघ के रूप में मान्यता नहीं दी जा सकती।
खेल मंत्रालय के सचिव इनजेती श्रीनिवास ने नीग्रे के पत्र के जवाब में लिखा है, "किसी अंतर्राष्ट्रीय संस्था में कौन सी संस्था भारत का प्रतिनिधित्व करे, यह निर्णय भारत के संविधान के अनुसार केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसलिए यह खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी है कि राष्ट्रीय खेल परिसंघ (एनएसएफ) को मान्यता दे। इस संदर्भ में हम आपको सलाह देते हैं कि आप एचआई के साथ इस लिहाज से कतई संबंध न रखें कि वह भारत में हॉकी के लिए मान्यता प्राप्त एनएसएफ है।"
इसके पहले नीग्रे ने कहा था कि स्थितियों के मद्देनजर और भारत में हॉकी के हित को देखते हुए हम आपको सूचित करना चाहेंगे कि एचआई एक मात्र ऐसी संस्था है, जिसे एफआईएच ने अपनी मान्यता दी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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