आईसीसी ने गुरुवार को जारी अपने बयान में कहा कि स्पर्धा और हार-जीत की दौड़ में क्रिकेट की आत्मा को नहीं मारा जाना चाहिए। इस संबंध में एलएसली की रणदीव और तिलकरत्ने दिलशान के खिलाफ की गई कार्रवाई उचित और खेल के हित में है। एसएलसी के इस फैसले ने साबित कर दिया है कि वह पूरी तरह खेल के बेहतरी के पक्ष में है।
एसएलसी ने रणदीव पर एक मैच का प्रतिबंध लगाने के अलावा जुर्माने के तौर पर उनकी तथा दिलशान की पूरी मैच फीस काट ली। इसके अलावा कप्तान कुमार संगकारा को चेतावनी दी गई।
बीते सोमवार को दाम्बुला में खेले गए त्रिकोणीय श्रृंखला मुकाबले में रणदीव ने जो नो-बॉल फेंकी थी, उसकी वजह से सहवाग अपने 13वें शतक से मात्र एक रन से चूक गए थे। इसे लेकर काफी विवाद भी हुआ था।
रणदीव के अलावा क्रिकेट श्रीलंका ने इसके लिए सहवाग से माफी मांग ली थी और साथ ही मामले की जांच के आदेश भी दे दिए थे। जांच की रिपोर्ट के आधार पर ही रणदीव पर एक मैच का प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया। अब वह गुरुवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ नहीं खेल पाएंगे।
क्रिकेट श्रीलंका ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए थे। साथ ही एसएलसी के सचिव निशांत रणातुंगा ने मैच के अगले दिन भारतीय टीम प्रबंधक रंजीब बिस्वाल को बुलाकर इस घटना के लिए खेद जताया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।