त्रिकोणीय श्रृंखला : न्यूजीलैंड के 3 बल्लेबाज पेवेलियन लौटे (लीड-7)
न्यूजीलैंड टीम के तीन विकेट 14 रन के कुल योग पर गिर चुके हैं। मार्टिन गुपटिल (0) का विकेट एक रन के कुल योग पर गिरा जबकि ब्रेडले वॉटलिंग (2) छह रन के कुल योग पर पेवेलियन लौटे। 14 रन के कुल योग पर प्रवीण कुमार ने कप्तान रॉस टेलर (8) को आउट कर भारतीय टीम को बड़ी सफलता दिलाई।
कीवी टीम ने पांच ओवरों की समाप्ति तक तीन विकेट पर 14 रन बना लिए हैं। ग्रांट इलियट और स्कॉट स्टायरिश ने खाता नहीं खोला है।
इससे पहले, बल्लेबाजों की नाकामी से बेहाल भारतीय क्रिकेट टीम 223 रनों के मामूली स्कोर पर सिमट गई। कागज पर 'शेर' दिखने वाले भारतीय टीम के सभी बल्लेबाज 46.3 ओवरों में पेवेलियन लौट गए।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम के लिए सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने सर्वाधिक 110 रनों का योगदान दिया जबकि बाकी के 10 बल्लेबाज सिर्फ 91 रन जोड़ सके। 22 रन अतिरिक्त के तौर पर बने।
सहवाग ने अपना 13वां एकदिवसीय शतक लगाया जबकि कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने 38 रन जोड़े। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 107 रनों की साझेदारी निभाई। भारतीय टीम ने इस साझेदारी से पहले जहां 66 रन पर चार विकेट गंवाए थे वहीं इसके बाद 50 रन पर पांच विकेट गंवा दिए।
इसका पूरा श्रेय न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को देना चाहिए क्योंकि मैच की तीसरी गेंद पर दिनेश कार्तिक का विकेट लेने के बाद से ही कीवी गेंदबाजों ने मैच पर अपनी पकड़ बना ली थी। एक वक्त पर सहवाग और धौनी ने इसे कमजोर करने की कोशिश की लेकिन 173 पर सहवाग और 199 पर धौनी को आउट करने के बाद कीवी गेंदबाज एक बार फिर अपनी टीम को मजबूत स्थिति में ले आए।
न्यूजीलैंड की ओर से टिम साउदी ने सर्वाधिक चार विकेट झटके। नेथन मैक्लम को तीन और केइल मिल्स को दो सफलता मिली। यह मैच जीतने वाली टीम इस श्रृंखला का फाइनल खेलेगी। मेजबान श्रीलंकाई टीम पहले ही फाइनल में पहुंच चुकी है।
भारतीय टीम के सिर्फ तीन बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार कर सके। धौनी और सहवाग के अलावा रवींद्र जडेजा ने 17 रन बनाए लेकिन अन्य सभी बल्लेबाज 'तू चल मैं आया' का राग अलापते रहे। कार्तिक (0), विराट कोहली (8), युवराज सिंह (6), सुरैश रैना (1), प्रवीण कुमार (6), आशीष नेहरा (0) और मुनाफ पटेल (7) ने निराश किया जबकि ईशांत शर्मा आठ रन पर नाबाद लौटे।
इससे पहले, सहवाग ने केइल मिल्स के ओवर में लगातार तीन चौके लगाकर एकदिवसीय मैचों में 1000 चौके पूरे किए। ऐसा करने वाले वह सातवें बल्लेबाज हैं।
एकदिवसीय मैचों में सर्वाधिक चौके लगाने का रिकार्ड भारत के सचिन तेंदुलकर के नाम है। तेंदुलकर ने 442 मैचों में अब तक 1927 चौके लगाए हैं। श्रीलंका के दिग्गज सलामी बल्लेबाज सनत जयसूर्या इस क्रम में दूसरे स्थान पर हैं। जयसूर्या के नाम 444 मैचों में 1500 चौके हैं।
1000 से अधिक चौके लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में आस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पोंटिंग (1164) तीसरे, आस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट (1162) चौथे, भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली (1122) पांचवें और वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान ब्रायन लारा (1035) छठे क्रम पर हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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