नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने घोषणा की है कि सिंगापुर में 14 से 26 अगस्त तक चले युवा ओलंपिक खेलों के उद्घाटन सत्र में रजत पदक विजेताओं को 400,000 रुपये तथा कांस्य पदक विजेताओं को 200,000 रुपये नकद इनाम दिए जाएंगे।
ये नकद इनाम आईओए तथा युवा ओलंपिक के मुख्य प्रायोजक दक्षिण कोरियाई इलेक्ट्रॉनिक कंपनी सैमसंग की ओर से संयुक्त रूप से दिए जाएंगे।
आईओए के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी ने कहा, "मैं बेहद खुश हूं कि टीम नौ पदकों के साथ लौटी है। मैं टीम के सभी सदस्यों को बधाई देता हूं। हमने राष्ट्रमंडल खेल भारत में कराने का निर्णय लिया, जिससे हम ओलंपिक खेलों में पदक जीत सकें । मैं वादा करता हूं कि सभी खिलाड़ियों को अब से बाकायदा प्रशिक्षण दिया जाएगा और इसकी निगरानी उनके संबंधित खेल संघ करेंगे।"
उल्लेखनीय है कि 12 दिन चले युवा ओलंपिक खेलों में भारत का प्र्दशन बेहतर रहा। कुल नौ पदकों के साथ पदक तालिका में देश 58वें स्थान पर रहा।
उल्लेखनीय है कि टेनिस खिलाड़ी युकी भांबरी और डिस्कस थ्रोअर अर्जन ने भारत के लिए रजत पदक जीता था। कुश्ती में पूजा ढंडा (60 किलोग्राम) और सत्यव्रत कादियान ने (100 किलोग्राम वर्ग में) रजत और कांस्य पदक जीता। बैडमिंटन के पुरुष एक ल में एच. एस. प्रनॉय ने रजत पदक हासिल करने में सफलता पाई। एथलीट दुर्गेश कुमार ने 400 मीटर बाधा दौड़ में रजत पदक जीता। मुक्केबाज शिवा थापा और विकास कृष्ण ने रजत पदक जीता वहीं नेहा ठाकुर ने जूडो में कांस्य पदक जीता।
भारत ने इस प्रतियोगिता के लिए 32 सदस्यीय टीम भेजा था।
भारतीय दल को हालांकि एक भी स्वर्ण नहीं मिल सका। उसके खाते में छह रजत और दो कांस्य पदक आए। चीन ने 30 स्वर्ण, 16 रजत और पांच कांस्य पदकों के साथ पहला स्थान हासिल किया।
रूस ने 18 स्वर्ण, 14 रजत और 11 कांस्य के साथ तीसरा और दक्षिण कोरिया ने 11 स्वर्ण, चार रजत और इतने ही कांस्य पदकों के साथ चौथा स्थान पाया।
युवा ओलंपिक के पहले संस्करण में कुल 84 देशों ने हिस्सा लिया। इस आयोजन में 14 से 18 वर्ष की उम्र के कुल 3600 एथलीटों ने हिस्सा लिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।