आईसीसी ने रविवार को जारी बयान में कहा कि चूंकी इस मामले को लेकर लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस और ब्रिटेन का स्कॉटलैंड यार्ड की जांच चल रही है और अब तक किसी खिलाड़ी या मैच अधिकारी की गिरफ्तारी नहीं की गई है, लिहाजा लॉर्ड्स टेस्ट बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा।
आईसीसी ने पूरे मामले पर जारी अपने बयान में कहा, मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने आईसीसी, इंग्लैंड और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्डो को इस बात की जानकारी दी कि 35 वर्षीय व्यक्ति को मैच फिक्सिंग के संदेह में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक इस संबंध में उसने अपनी जांच आरंभ कर दी है और साथ ही वह चाहती है कि आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधी इकाई भी इसमें उसकी मदद करे।"
"इस बारे में अब तक किसी खिलाड़ी या अधिकारी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। ऐसे में लॉर्ड्स टेस्ट के चौथे दिन का खेल पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा। चूंकी यह जांच का मामला है, लिहाजा इस संबंध में पीसीबी, ईसीबी, आईसीसी या फिर फिर लॉर्ड्स टेस्ट का मेजबान मेरिलबोर्न क्रिकेट क्लब (एमसीसी) कोई बयान जारी नहीं करेगी।"
ब्रिटिश अखबार 'न्यूज ऑफ द वर्ल्ड' ने दावा है कि इस मैच में करोड़ो रुपये के एवज में नो बॉल फिक्स की गई थी। पत्र में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर और मोहम्मद आसिफ ने मैच के दौरान लगातार तीन-तीन नो गेंदें फेंकी। लंदन के सटोरियए मजहर माजीद ने 150,000 पाउंड में इन नो बॉल को फिक्स किया था।
माजीद ने इस अखबार के संवाददाता को पहले ही बता दिया था ये गेंदें 'नो' होंगी। समाचार पत्र द्वारा उपलब्ध कराए गए वीडियो फुटेज के आधार पर स्कॉटलैंड पुलिस ने माजीद को गिरफ्तार कर लिया है। इस संबंध में पाकिस्तानी टीम के चार खिलाड़ियों-आमेर, आसिफ, कप्तान सलमान बट्ट और विकेटकीपर बल्लेबाज कामरान अकमल के अलावा टीम प्रबंधन यावर सईद से पूछताछ की गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।