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मैच फिक्सिंग विवाद : हमीद पलटे, नीतू ने खुद को पाक-साफ बताया (राउंडअप)

उधर ब्रिटेन के समाचार पत्र 'डेली एक्सप्रेस' के अनुसार एशिया के सटोरिए मैच फिक्सिंग से होने वाली अवैध कमाई से अल कायदा जैसे शीर्ष आतंकवादी संगठन को आर्थिक मदद पहुंचा रहे हैं। इस मामले में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के ताजातरीन बयान से जाहिर तौर पर आरोपी खिलाड़ी मोहम्मद आमेर को राहत मिलेगी।

आईसीसी ने कहा कि दोषी पाए जाने के बावजूद आमेर को दूसरे आरोपियों-सलमान बट्ट और मोहम्मद आसिफ की तुलना में कम सजा हो सकती है क्योंकि उनकी उम्र अभी सिर्फ 18 वर्ष है। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लोगार्ट ने इस बात के संकेत दिए हैं कि उम्र कम होने के आधार पर दोषी पाए जाने की सूरत में आमेर की सजा कम करने पर विचार किया जा सकता है।

हमीद का इंकार, ब्लैकमेल करने की बात कही :

'न्यूज ऑफ द वर्ल्ड' ने हामिद के जरिए रविवार को खुलासा किया था कि पाकिस्तानी खिलाड़ी लगभग सभी मैचों में फिक्सिंग करते हैं और उन्हें हर नो बॉल पर 20 से 25 हजार पाउंड दिए जाते हैं। इसके साथ ही अखबार ने एक वीडियो जारी किया था जिसमें हमीद ने कई सनसनीखेज बातें कहीं थीं।

हमीद ने हालांकि इससे साफ तौर पर इंकार किया है। उन्होंने कहा है कि उन्होंने अपने साथियों के बारे में इस तरह की कोई बात नहीं कही। उनके मुताबिक पत्र ने उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया है।

हमीद ने रविवार रात बयान जारी कर कहा, "पूरे मामले को 'न्यूज ऑफ द वर्ल्ड' ने गलत ढंग से पेश किया है। यह पूरा मामला 30 अगस्त, 2010 की शाम का है। उस समय मैं अपने एक दोस्त के साथ डिनर कर रहा था। उसी दौरान एक शख्स आया जिसने अपना नाम आबिद खान बताया। उसने मुझे एहतियाद एयरवेज के साथ एक करार दिलाने की बात कही।"

"बाद में पता चला कि वह मजहर महमूद ('न्यूज ऑफ द वर्ल्ड' का रिपोर्टर) था। मेरी बातचीत का वीडियो जारी होने के बाद पाकिस्तानी मीडिया से राफ्ता होने के बाद मैंने अखबार से कोई बातचीत किए जाने से इंकार किया। मैंने पूरे मामले से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को अवगत करा दिया है।"

नीतू ने आसिफ को पहचानने से इंकार किया :

बॉलीवुड अभिनेत्री नीतू चंद्रा के प्रवक्ता डेल भगवागर ने अपने बयान में कहा कि नीतू व्यक्तिगत तौर पर आसिफ क्या उससे मिलते-जुलते किसी व्यक्ति को भी नहीं जानतीं। ऐसे में उन पर लगाए गए मैच फिक्सिंग के आरोप बेबुनियाद हैं।

डेल ने अपने बयान में कहा, "व्यक्तिगत तौर पर नीतू मोहम्मद आसिफ या फिर किसी अन्य पाकिस्तानी क्रिकेटर को नहीं जानतीं। उनका नाम बेवजह के आरोपों के आधार पर मैच फिक्सिंग मामले में घसीटा जा रहा है।"

"नीतू तो आसिफ से मिलते-जुलते किसी व्यक्ति को भी नहीं जानतीं। इस विवाद के सामने आने के चंद मिनट बाद ही मैं उनसे मिला था और उन्हें अपने ब्लैकबेरी फोन के माध्यम से इंटरनेट पर जारी आसिफ की तस्वीर उन्हें दिखाई थी।"

नीतू का नाम उस सूची में शामिल है, जो स्कॉटलैंड यार्ड और इंटरपोल ने इस विवाद के संबंध में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को मुहैया कराई है। इंटरपोल और स्कॉटलैंड यार्ड ने यह सूची आसिफ की पूर्व प्रेमिका और पाकिस्तानी अभिनेत्री वीना मलिक से मिली सूचना पर तैयार की है।

इस सूची में उन लोगों का नाम शामिल है, जिन्हें आसिफ ने वर्ष 2009 में फोन के जरिए संपर्क किया था। इस सूची में मुंबई से एकमात्र फोन नंबर है और वह नंबर नीतू का है। यह बात भी सामने आई है कि नीतू ने उस दौरान आसिफ के साथ दो बार फोन पर बात की थी और कुछ संदेश भी किए थे। बातचीत के दौरान दोनों के बीच क्रिकेट को लेकर कुछ संवेदनशील बातें हुई थीं।

कड़ी सजा से बच सकते हैं आमेर :

मैच फिक्सिंग मामले में दोषी पाए जाने के बावजूद पाकिस्तानी तेज गेंदबाज मोहम्मद आमेर को दूसरे आरोपियों-सलमान बट्ट और मोहम्मद आसिफ की तुलना में कम सजा हो सकती है क्योंकि उनकी उम्र अभी सिर्फ 18 वर्ष है। आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लोगार्ट ने इस बात के संकेत दिए हैं कि उम्र कम होने के आधार पर दोषी पाए जाने की सूरत में आमेर की सजा कम करने पर विचार किया जा सकता है।

लोगार्ट ने कहा, "यह मेरा व्यक्तिगत विचार है। मेरा मानना है कि उम्र कई बार काफी मायने रखती है लेकिन इस संबंध में अंतिम फैसला स्वतंत्र न्यायाधिकरण को करना है।" हाल ही में सबसे कम उम्र में 50 विकेट लेने का रिकार्ड बनाने वाले आमेर के लिए कई खिलाड़ियों ने अपना समर्थन जताया है।

इनमें इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइक अर्थटन भी शामिल हैं। अर्थटन ने कहा कि आमेर बुरी संगति के कारण ऐसा कर बैठे हैं क्योंकि अभी उन्हें अच्छे-बुरे की समझ नहीं है। उनके खिलाफ सजा कम करने पर विचार किया जाना चाहिए।

अल कायदा को मदद पहुंचा रहे हैं सटोरिए :

ब्रिटेन के समाचार पत्र डेली एक्सप्रेस के मुताबिक मेट्रोपॉलिटन पुलिस और स्कॉटलैंड यार्ड जैसी एजेंसियों ने ब्रिटेन की गुप्तचर संस्थाओं को इस बात को लेकर सचेत कर दिया है कि मैच फिक्सिंग के जरिए कमाई कर रहे सटोरिए अल कायदा को मदद पहुंचा रहे हैं।

पत्र ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है, "पाकिस्तान का कट्टरपंथी समुदाय वहां के अंडरवर्ल्ड के साथ जुड़ा हुआ है। अंडरवर्ल्ड के लोगों का सट्टेबाजी में शामिल होने के सबूत मिले हैं। इस आधार पर यह अंदेशा बना हुआ है कि एशियाई सटोरिए, खासकर पाकिस्तान के अंडरवर्ल्ड के लोग अपनी अवैध कमाई से अल कायदा जैसे आतंकवादी संगठन को आर्थिक मदद पहुंचा रहे हैं।"

पाकिस्तानी क्रिकेट के लिए सबसे बड़ा झटका :

इस मामले में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान इमरान खान ने एक बार फिर अपनी बात रखते हुए कहा है कि मौैजूदा हालात ने पाकिस्तानी क्रिकेट के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका करार दिया है। इमरान ने पाकिस्तानी समाचार पत्र 'द डेली टाइम्स' से बातचीत के दौरान कहा कि अगर खेलों में भ्रष्टाचार के इस दौर को रोका नहीं गया तो इससे काफी नुकसान होगा क्योंकि इससे आने वाली पीढ़ी को अच्छा सबक नहीं मिल रहा है।

आईसीसी पर बरसे बायकॉट :

इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान ज्यौफ्रे बायकॉट ने इस मामले में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की आलोचना की है। बायकॉट ने एक समाचार पत्र में अपने स्तंभ में लिखा है कि आईसीसी पाकिस्तानी खिलाड़ियों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों को संभालने में पूरी तरह नाकाम रही है।

साथ ही उन्होंने आरोपी खिलाड़ियों का बचाव करने के लिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और पाकिस्तान की सरकार की भी आलोचना की है। बायकॉट ने लिखा है, "पाकिस्तान को यह मान लेना चाहिए कि उसके खिलाड़ी मैच फिक्सिंग में शामिल रहे हैं। यही वक्त है कि हम सब मिलकर इस समस्या से निजात पा सकते हैं।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:43 [IST]
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