ममता ने सुशील की इस सफलता को 'रेल परिवार' की जीत करार दिया। इससे पहले बीजिंग में 2008 में आयोजित ओलंपिक खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले सुशील भारतीय रेल के कर्मचारी हैं।
सुशील विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले देश के पहले पहलवान हैं। सुशील ने रविवार को रूसी पहलवान गोगायेव को हराकर 66 किलोग्राम वर्ग में पहला स्थान हासिल किया था।
ममता ने अपने संदेश में कहा कि सुशील ने व्यक्तिगत मेहनत के जरिए शानदार सफलता अर्जित कर देश का नाम रोशन किया है। ममता के मुताबिक सुशील की सफलता 'रेल परिवार की जीत है और उनकी यह जीत देश को समर्पित है।'
सुशील उत्तर रेलवे में सहायक वाणिज्य प्रबंधक पद पर कार्यरत हैं। वह विश्व चैम्पियनशिप में पदक जीतने वाले भारतीय रेलवे के तीसरे कर्मचारी हैं।
इससे पहले विश्वंभर सिंह (1967) और रमेश कुमार (2009) ने विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप में पदक जीता था। सिंह को रजत और कुमार को कांस्य पदक मिला था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।