मैरीकॉम पांचवीं बार बनी विश्व चैम्पियन, ओलंपिक पर नजर (लीड-1)
मैरीकॉम ने महिलाओं की छठी विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। कैरेबियाई शहर ब्रिजटाउन में मैरीकॉम ने शनिवार को 48 किलोग्राम स्पर्धा में रूमानिया की स्टेलूट डूटा को 16-6 से पराजित किया। विश्व चैम्पियनशिप में मैरी का यह पांचवां स्वर्ण पदक है।
जीत के बाद भावुक मैरी कोम ने कहा, "मैं अपने पति और प्रायोजकों का धन्यवाद करती हैं जिन्होंने मुझे पूरा सहयोग दिया और हमेशा मेरा हौसला बढ़ाया। आज मैं बहुत खुश हूं। "
इससे पहले शुक्रवार को उन्होंने फिलीपींस की एलिस केट को 8-1 से पछाड़कर फाइनल में जगह पक्की की थी। दो बच्चों की मां कोम के लिए सेमीफाइनल मुकाबला बेहद आसान रहा था। इस चैम्पियनशिप के फाइनल में जगह बनाने वाली कोम इकलौती भारतीय थीं।
फाइनल मुकाबले से पहले कोम ने कहा था, "मैं यहां तक पहुंचकर बहुत खुश हूं। मैं इस बार स्वर्ण जीतने की कोशिश करूंगी। परंतु इस बारे में मैं ज्यादा नहीं सोच रही हूं क्योंकि मुझे अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करना है। अगर मैं सही खेलूंगी तो जरूर जीतूंगी।"
भारत लंदन ओलंपिक में मैरीकॉम से पदक की उम्मीद कर रहा है। लंदन ओलंपिक के माध्यम से महिला मुक्केबाजी का ओलंपिक में पर्दापण होगा।
मैरीकॉम ने कहा, "लंदन ओलंपिक में मैं स्वर्ण जीतने के बारे में कुछ नहीं कह सकती लेकिन मैं यह पदक जीतने का भरपूर प्रयास करूंगी। लंदन में पदक जीतना मेरा लक्ष्य होगा।"
मैरीकॉम के अलावा कविता चांचल ने भी विश्व चैम्पियनशिप में पदक जीता। 81 किलोग्राम वर्ग में कविता हालांकि सेमीफाइनल में हार गईं लेकिन वह कांस्य पदक अपने नाम करने में सफल रहीं।
बहरहाल, मैराकॉम ने विश्व चैम्पियनशिप के पहले संस्करण में वर्ष 2001 में पेनसिल्वेनिया में 48 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता था। इसके बाद 2002 में मैरी ने अंटाल्या में स्र्वण पदक अपने नाम किया।
इसके बाद वह रूस में आयोजित दो अन्य संस्करणों में 46 किलोग्राम वर्ग में अपने खिताब की रक्षा करने में सफल रहीं। वर्ष 2008 में चीन के शहर निगबो में आयोजित विश्व चैम्पियनशिप में मैरी ने अपना लगातार चौथा खिताब जीता।
खासबात यह रही कि मैरी दो वर्ष के अंतराल के बाद रिंग में उतरी थीं। इस वर्ष 46 किलोग्राम वर्ग के मुकाबले नहीं हुए, लिहाजा मैरी को 48 किलोग्राम वर्ग में खेलना पड़ा।
वर्ष 2009 में मैरी को देश के सर्वोच्च खेल सम्मान-राजीव गांधी खेल रत्न से नवाजा गया। मैरी के साथ मुक्केबाज विजेंदर सिंह और पहलवान सुशील कुमार को भी यह सम्मान दिया गया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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