मैरीकॉम ने वेस्टइंडीज में आयोजित महिलाओं की छठी विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। कैरेबियाई शहर ब्रिजटाउन में मैरीकॉम ने बीते शनिवार को 48 किलोग्राम स्पर्धा में रूमानिया की स्टेलूट डूटा को 16-6 से पराजित किया था। विश्व चैम्पियनशिप में मैरीकॉम का यह पांचवां स्वर्ण पदक है।
सात समंदर पार अपने देश का मान बढ़ाने के बाद मैरीकॉम जब स्वदेश लौटीं, तब उनका चेहरा चमक रहा था। इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर उनके स्वागत के लिए पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि वह कैसा महसूस कर रही हैं तब भावुक मैरीकॉम ने कहा, " मेरी खुशी का ठिकाना नहीं है। मैं अपने पति, प्रायोजकों, देशवासियों और मीडिया का धन्यवाद करती हूं। आप सबने मुझे भरपूर सहयोग दिया और हमेशा मेरा हौसला बढ़ाया।"
यह पूछे जाने पर कि पूरा देश लंदन ओलंपिक में उनसे पदक की उम्मीद कर रहा है, मैरीकॉम ने कहा, " मैं जानती हूं लेकिन लंदन में मैं स्वर्ण जीतने का वादा नहीं कर सकती। मेरा प्रयास पदक जीतने का होगा और इस के लिए मैं अपना पूरा दमखम झोंक दूंगी। लंदन में पदक जीतना मेरा लक्ष्य होगा।"
लंदन ओलंपिक के माध्यम से महिला मुक्केबाजी का ओलंपिक खेलों में पर्दापण होगा। वर्ष 2009 में मैरी को देश के सर्वोच्च खेल सम्मान-राजीव गांधी खेल रत्न से नवाजा गया। मैरी के साथ मुक्केबाज विजेंदर सिंह और पहलवान सुशील कुमार को भी यह सम्मान दिया गया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।