राष्ट्रमंडल के बाद ओलम्पिक की बारी!

By Staff

नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) के अध्यक्ष जैक्स रॉग की रविवार को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में मौजूदगी इस बात की ओर स्पष्ट इशारा कर गई कि भारत दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजन ओलम्पिक की मेजबानी की दावेदारी को लेकर वाकई गंभीर है।

राष्ट्रमंडल खेल-2010 की आयोजन समिति तथा भारतीय ओलम्पिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी कई बार कह चुके हैं कि राष्ट्रमंडल खेलों की सफलता भारत के लिए ओलंम्पिक मेजबानी के रास्ते खोलेगी। इसी सिलसिले में आईओए के महासचिव रणधीर सिंह बड़े आदर के साथ रॉग को उद्घाटन समारोह के लिए स्टेडियम में लेकर आए। रॉग शुक्रवार को भारत पहुंच चुके थे। तीन दिनों के प्रवास के दौरान उन्होंने खेल गांव सहित लगभग सभी आयोजन स्थलों का दौरा किया।

खास बात यह रही कि उद्घाटन समारोह के दौरान खास लोगों के संबोधन में भी रॉग का जिक्र किया गया। राष्ट्रमंडल खेल महासंघ और कलमाडी ने विशेष तौर पर रॉग की उपस्थिति को भारत के लिए बड़ा दिन बताया। रणधीर पहले ही कह चुके हैं कि रॉग ने भारत का निमंत्रण स्वीकार करके उनके देश का सम्मान किया है।

रॉग भारत का बड़ा सम्मान करते हैं। शनिवार को एक पत्रकार सम्मेलन में वह कह चुके हैं कि भारत के पास बेहद क्षमतावान मानव संसाधन है, जिसके दम पर वह कोई भी चीज हासिल कर सकता है। रॉग मानते हैं कि राष्ट्रमंडल खेलों की सफलता के बाद भारत ओलम्पिक की दावेदारी के बारे में सोच सकता है।

एक समाचार पत्र को दिए गए साक्षात्कार में रॉग ने कहा कि मेजबानी की दावेदारी की संभावना को लेकर वह सिर्फ व्यक्तिगत विचार दे सकते हैं क्योंकि दोनों आयोजनों में काफी अंतर है। उन्होंने कहा,"ओलम्पिक और राष्ट्रमंडल खेलों में बड़ा अंतर है। दोनों का स्वाभाव भी अलग है। एक थोड़ा संक्षिप्त है तो दूसरा बेहद व्यापक है। हां, मैं इतना जरूर कह सकता हूं कि राष्ट्रमंडल खेलों की सफलता भारत को ओलंम्पिक मेजबानी की दावेदारी के बारे में सोचने की आजादी दे सकती है। इससे इस सोच को विकसित करने का आधार तैयार होगा।"

उन्होंने कहा, "मैं भारत से इतना गुजारिश करना चाहता हूं कि अभी वह सिर्फ राष्ट्रमंडल खेलों के सफल आयोजन के बारे में सोचे क्योंकि खेलों की सफलता का आकलन समापन समारोह के बाद ही किया जा सकता है। ऐसे आयोजनों के लिए आयोजक या दर्शक महत्वपूर्ण नहीं, वे खिलाड़ी सबसे महत्वपूर्ण है जो सालों तक मेहनत करते हैं और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित रहते हैं। उनका खुश रहना जरूरी है।"

रॉग युवा खेलों के लिए पुणे का भी दौरा कर चुके हैं। दोनोंे मौकों पर वह भारत की तैयारियों से खुश दिखे लेकिन हर बार उन्होंने यही कहा कि भारत को अभी और मेहनत करने की जरूरत है। भारत के पास 2020, 2024 और 2028 ओलम्पिक खेलों के लिए मेजबानी की दावेदारी पेश करने का मौका है और इoाी के लिए जमीन तैयार की जा रही है।

2020 ओलम्पिक की मेजबानी की दावेदारी को लेकर भारत सरकार अपना फैसला दे चुकी है। केंद्रीय खेल मंत्री मनोहर सिंह गिल ने कुछ समय पहले साफ कर दिया था कि भारत इन खेलों के लिए फिलहाल दावेदारी पेश नहीं करेगा। 2020 के मेजबान का फैसला करने के लिए इस वर्ष नवम्बर में आईओसी की बैठक होना है।

रॉग का भारत आना इस बात की ओर स्पष्ट इशारा करता है कि आईओए ओलम्पिक मेजबानी को लेकर वाकई गंभीर है लेकिन राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों के दौरान सामने आई भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की खबरों के बाद उसके लिए भारत सरकार को मना पाना बेहद मुश्किल है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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Story first published: Monday, October 4, 2010, 9:32 [IST]
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