राष्ट्रमंडल खेल : पहले दिन भारत की झोली में 4 पदक (राउंडअप)
दक्षिण अफ्रीका, कनाडा, मलेशिया और नाइजीरिया ने एक-एक स्वर्ण पदक जीते। भारत के लिए पहला दिन मिलाजुला रहा और टेनिस, बैडमिंटन, तीरंदाजी में उसने उल्लेखनीय जीत दर्ज की तो तैराकी में उसे निराशा हाथ लगी।
महिला भारोत्तोलक सोनिया चानू ने भारत को पहला रजत पदक दिलाया। इसके बाद संध्या रानी देवी ने 48 किलोग्राम वर्ग में देश को कांस्य पदक का तोहफा दिया।
इसके बाद पुरुष वर्ग में सुखेन डे ने 56 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक और श्रीनिवास राव ने कांस्य पदक जीता।
सुखेन डे और सोनिया चानू से देश को स्वर्ण पदक की उम्मीद थी लेकिन दोनों खिलाड़ी ऐसा करने से चूक गए और दोनों को ही रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
सुखेन डे और सोनिया दोनों को ही स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा था लेकिन पुरुषों के 56 किलोग्राम वर्ग में इब्राहीम अमीरल हमीजान और नाइजीरिया की अगस्टीना एनकेम ने महिलाओं के 48 किग्रा. वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया।
राष्ट्रमंडल खेलों का पहला स्वर्ण पदक नाइजीरिया के भारोत्तोलक अगस्टीना नवाकोलो के खाते में गया।
भारोत्तोलन में मिले 4 पदक :
जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम के भारोत्तोलन हॉल में आयोजित इस भारोत्तोलन स्पर्धा में सोनिया चानू ने 167 किलोग्राम (73+94) वजन उठाकर दूसरा स्थान हासिल किया जबकि संध्या रानी देवी को 165 किलोग्राम (73+95) भार के साथ तीसरा स्थान प्राप्त हुआ।
नाइजीरिया की अगस्टीना नवाकोलो ने राष्ट्रमंडल रिकार्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। नवाकोलो ने कुल 171 किग्रा (77+94) उठाया। इस तरह नवाकोलो ने स्पधाओं के पहले दिन ही राष्ट्रमंडल रिकार्ड स्थापित किया।
नवाकोलो ने स्नैच के पहले प्रयास में 73, दूसरे प्रयास में 76 और तीसरे प्रयास में 77 किलोग्राम वजन उठाया था। इसके बाद उन्होंने क्लीन एवं जर्क के पहले प्रयास में 94 किलोग्राम वजन उठाया। वह दूसरे प्रयास के लिए नहीं गईं। इस तरह वह कुल 171 किलोग्राम के साथ पहले स्थान पर रहीं।
दूसरी ओर, चानू ने स्नैच के पहले प्रयास में कुल 73 किलोग्राम वजन उठाया था लेकिन उनका दूसरा और तीसरा प्रयास अयोग्य करार दिया गया था। इन दो प्रयासों में उन्होंने 76 किग्रा वजन उठाया था। इसकी भरपाई सानू ने क्लीन एवं जर्क में की, जहां वह नवाकोलो के बराबर 94 किलोग्राम वजन उठाने में सफल रहीं।
चानू निश्चित तौर पर पहला स्थान हासिल कर सकती थीं लेकिन स्नैच वर्ग में उनके बाद के दो प्रयासों को अयोग्य ठहरा दिए जाने से उन्हें काफी नुकसान हुआ।
दूसरी ओर, रानी ने स्नैच के पहले प्रयास में 70 किलोग्राम वजन उठाया था लेकिन उनका यह प्रयास अयोग्य ठहरा दिया गया था। इसके बाद उन्होंने दूसरे प्रयास में 70 और फिर तीसरे प्रयास में 73 किलोग्राम वजन उठाकर इसकी भरपाई की।
क्लीन एवं जर्क वर्ग में रानी ने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दूसरे प्रयास में 95 किलोग्राम वजन उठाया। पहले प्रयास में वह 90 किलो वजन उठा सकी थीं। इस तरह वह 165 किलोग्राम के साथ तीसरा स्थान हासिल करने में सफल रहीं।
टेनिस : दूसरे दौर में पहुंचे बोपन्ना
भारतीय डेविस कप टीम के प्रमुख सदस्य रोहन बोपन्ना ने 19वें राष्ट्रमंडल खेलों के एकल मुकाबलों में जीत के साथ शुरुआत की है। इसके साथ ही रश्मि चक्रवर्ती ने भी अपने एकल मुकाबले में जीत दर्ज की।
मिश्रित युगल मुकाबले में लिएंडर पेश और सानिया मिर्जा की जोड़ी ने सैंट लुसिया की जोड़ी को 6-1, 6-0 से पराजित किया। उधर मिश्रित युगल मुकाबले के पहले दौर में भारत के रोहन बोपन्ना और निरुपमा संजीव की जोड़ी को हार का मुंह देखना पड़ा।
बोपन्ना ने सोमवार को खेले गए अपने पहले मुकाबले में युगांडा के रॉबर्ट बुइन्जा को सीधे सेटों में पराजित किया।
आर. के. खन्ना टेनिस स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले को बोपन्ना ने 6-1, 6-4 से जीता। कद और प्रतिष्ठा को देखते हुए बोपन्ना को यह मैच जीतने में दिक्कत नहीं हुई लेकिन गर्मी और उमस ने दोनों खिलाड़ियों के साथ-साथ दर्शकों को भी परेशान किया।
आर. के. खन्ना स्टेडियम में सोमवार को बोपन्ना और निरुपमा की जोड़ी को आस्ट्रेलिया की अनास्तासिया रोडियोनोवा और पॉल हेनले की जोड़ी ने 6-3, 3-6, 6-3 से मात दी।
उद्घाटन समाहोर में रविवार को जितनी भीड़ जुटी थी, उसे देखते हुए आर. के. खन्ना स्टेडियम में बहुत कम दर्शक पहुंचे। इस लिहाज से खिलाड़ियों को लगभग खाली स्टैंड में खेलते देखना अच्छा अनुभव नहीं रहा।
बैडमिंटन : भारत ने केन्या को 5-0 से हराया
बैडमिंटन के ग्रुप डी के मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत ने केन्या को 5-0 से हरा दिया। वर्ष 2006 में मेलबर्न के राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम के लिए यह जीत काफी आसान थी।
पुरुषों के एकल मुकाबले में चेतन आनंद ने विक्टर ओडेरा मुंगा को 21-7, 21-13 से हराया जबकि महिला एकल में सायना नेहवाल ने मर्सी म्वेथ्या जोसफ को 21-11, 21-4 से हराया।
पुरुषों के युगल मुकाबलों में रूपेश कुमार और सानव थामस ने ओडेरा मुंगा और पैट्रिक किबेट रूटो की जोड़ी को 21-5, 21-5 से हराकर जीत दर्ज की।
महिलाओं के युगल मुकाबले में अश्वनी पोनप्पा और अपर्णा बालन की जोड़ी ने मर्सी जोसफ और अनीथा भूसूरू अल्यूबे को 21-8, 21-6 से हरा दिया।
वहीं, मिश्रित युगल के मुकाबले में वी. दीजू और ज्वाला गुट्टा की जोड़ी ने फ्रेडरिक गितुकू और अन्ना नगांबी को 21-8, 21-5 से हराकर जीत दर्ज की।
समूह डी में वेल्स, स्कॉटलैंड और बारबाडोस देश शामिल हैं।
टेबल टेनिस : महिला टीम ने श्रीलंका को हराया
यमुना स्पोर्ट्स काम्पलेक्स में भारतीय महिला टीम ने श्रीलंका को 3-0 से आसानी से पराजित कर दिया।
शामिनी कुमारेसन ने विथांगे गोनापिनुवाला को 11-9, 11-9, 11-7 से पराजित कर पहला एकल मुकाबला जीत लिया। दूसरे मुकाबले में भारत की नंबर एक खिलाड़ी मौमा दास ने बाड़ु मान्निकु को 11-4, 11-5, 11-4 से पराजित किया। इसी तरह पाउलोमी घटक ने काविंदी साहाबंदु को 11-8, 11-8, 11-7 से पराजित कर तीसरा मुकाबला जीत लिया।
तैराकी : तैराकों ने किया निराश
महिला वर्ग में 200मीटर फ्रीस्टाइल, 200 मीटर की व्यक्तिगत स्पर्धा, 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक स्पर्धा में भारत के तैराक जहां क्वालीफाई करने में नाकाम रहे वहीं पुरुषों के 400मीटर फ्रीस्टाइल और 200 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा में निराशा ही हाथ लगी।
महिला हॉकी : स्कॉटलैंड ने भारत को बराबरी पर रोका
भारतीय महिला हॉकी टीम को 19वें राष्ट्रमंडल खेलों के अपने पहले ही मैच में स्कॉटलैंड के साथ अंक बांटने पर मजबूर होना पड़ा। सोमवार को नेशनल स्टेडियम में खेले गए पूल-ए के दूसरे मुकाबले में स्कॉटलैंड ने पिछले बार की उपविजेता भारतीय टीम को 1-1 से बराबरी पर रोक दिया।
इस मैच के लिए 2002 में खिताबी जीत हासिल करने वाली भारतीय महिलाओं को संभावित विजेता माना जा रहा था लेकिन पहले मिनट में किए गए शानदार फील्ड गोल की मदद से स्कॉटलैंड की टीम ने मजबूत भारत को अंक बांटने पर मजबूर कर दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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