राष्ट्रमंडल खेल : रानी ने कहा, मौकों को हाथ से निकलने देना महंगा पड़ा
नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। रानी रामपाल के लिए 19वें राष्ट्रमंडल खेलों का पहला मैच अच्छा नहीं रहा। भारत की महिला हॉकी टीम की इस तेजतर्रार खिलाड़ी को खुद से और अपनी साथियों से कई मौकों को भुनाने में हुई गलती का बेहद अफसोस है।
इन्हीं गलतियों का नतीजा है कि भारतीय महिला टीम को पूल-ए के अपने पहले ही मैच में सोमवार को अपेक्षाकृत कमजोर स्कॉटलैंड के साथ अंक बांटने पर मजबूर होना पड़ा। स्कॉटलैंड ने पिछले बार की उपविजेता भारतीय टीम को 1-1 से बराबरी पर रोक दिया।
इस मैच के लिए 2002 में खिताबी जीत हासिल करने वाली भारतीय महिलाओं को संभावित विजेता माना जा रहा था लेकिन पहले मिनट में किए गए शानदार फील्ड गोल की मदद से स्कॉटलैंड की टीम ने मजबूत भारत को अंक बांटने पर मजबूर कर दिया।
रानी मानती हैं कि शुरुआती पलों में उनके साथियों ने थोड़ा लचर खेल दिखाया और इसी कारण स्कॉटलैंड को बढ़त बनाने का मौका मिल गया। वैसे रानी मानती हैं कि उनके टीम के प्रयासों में कोई कसर नहीं रही और कुल मिलाकर उसका खेल स्कॉटलैंड से काफी बेहतर रहा लेकिन नतीजा पक्ष में नहीं आने का सभी को अफसोस है।
रानी ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, "हमने कई गलतियां कीं। हमें उन्हें सुधारना होगा क्योंकि हमारा अगला मैच आस्ट्रेलिया से है। अगर हमने स्कॉटलैंड को हरा दिया होता तो हम बढ़े हुए मनोबल के साथ आस्ट्रेलिया से भिड़ते लेकिन अब हमारे लिए आस्ट्रेलिया को हराना बेहद जरूरी हो गया है। जीत की सूरत में ही हमारा आगे का सफर जारी रहेगा।"
अर्जेंटीना में आयोजित विश्व कप में कुल 11 गोल करके सर्वश्रेष्ठ उदीयमान खिलाड़ी का सम्मान हासिल करने रानी को राष्ट्रीय कैम्प के बाद तेज बुखार ने जकड़ लिया था। खेल गांव में वह बुखार की हालत में पहुंची थीं। इस कारण उनका पहले मैच में खेल पाना तय नहीं था।
अपनी फिटनेस को लेकर रानी ने कहा, "मैं अब पूरी तरह फिट हूं। बुखार के कारण मैं अभ्यास मैचों में नहीं खेल सकी लेकिन अब मैं टीम को पूरा योगदान देने के लिए उपलब्ध हूं। अगले मैच में मैं अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन करुं गा, जिससे हमारी टीम को जीत मिल सके।"
रानी ने अपनी शानदार फिटनेस का परिचय देते हुए 35वें मिनट में स्कॉटलैंड की रक्षापंक्ति पर जोरदार धावा बोला था। उन्होंने यह प्रयास अकेले दम पर किया था और सीधे स्कॉटलैंड के डी-क्षेत्र में ही आकर रुकीं। डी-क्षेत्र में पहुंचने के बाद उन्हें अपनी किसी साथी का अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। इसका नतीजा हुआ कि उनका यह प्रयास बेकार साबित हुआ।
भारतीय टीम का अगला मैच आस्ट्रेलिया से है। उसे 2006 राष्ट्रमंडल खेलों में मिली हार का हिसाब चुकाने के साथ-साथ खिताबी दौड़ में बने रहने के लिए यह मैच हर हाल में जीतना है।
भारतीय टीम ने राष्ट्रमंडल खेलों में अब तक केवल एक स्वर्ण जीता है। उसने 2002 में मैनचेस्टर में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों के बीते संस्करण में पहला स्थान हासिल किया था जबकि 2006 में मेलबर्न में उसे रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। फाइनल में उसे आस्ट्रेलिया के हाथों हार मिली थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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