राष्ट्रमंडल खेल : रवींद्र ने कहा, गुरुजी ने हर हाल में सोना जीतने को कहा था
ग्रीको रोमन कुश्ती को पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल किया गया है और रवींद्र इसमें स्वर्ण हासिल करने वाले पहले पहलवान बने। रवींद्र ने मंगलवार को ब्रिटेन को टेरेस बॉसन को 7-0 से पराजित किया।
स्वर्ण पदक हासिल करने के बाद रवींद्र को वाडा परीक्षण के लिए जाना था। इसी बीच रवींद्र ने पत्रकारों से बातचीत का समय निकाला। रवींद्र ने कहा, "मैं अपनी सफलता से बेहद खुश हूं। मुझे खुशी इस बात की है कि मैं ग्रीको रोमन में देश को स्वर्ण दिलाने वाला पहला पहलवान हूं।"
रवींद्र ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि फाइनल मुकाबला देखना बड़ी संख्या में कुश्ती के चाहने वाले इंदिरा गांधी स्टेडियम में पहुंचे। बकौल रवींद्र, "घरेलू दर्शकों का साथ बहुत फायदेमंद रहा। मैंने इसका भरपूर लाभ उठाया और बॉसन को एक भी अंक नहीं हासिल करने दिया। मैं बहुत खुश हूं।"
रवींद्र ने कहा कि इस मुकाबले को देखने के लिए उनके पिता और भाई भी पहुंचे थे और सबको उनकी इस ऐतिहासिक सफलता पर गर्व है।
रवींद्र ने घरेलू दर्शकों की हौसला अफजाई के बीच क्वालीफाइंग में श्रीलंका के एएसएसडी कुमार को 13-0 से पराजित किया।
इसके बाद भी रवींद्र का सफर जारी रहा। मंगलवार को ही खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में वह नाइजीरिया के जोसफ रोमिया पर 8-0 से हावी रहे थे।
रवींद्र की इस सफलता ने भारत की झोली में तीसरा स्वर्ण पदक डाल दिया। मंगलवार को भारत ने निशानेबाजी में दो स्वर्ण जीते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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