Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block

राष्ट्रमंडल खेल : बहन के कहने पर भारोत्तोलन में उतरे रवि

नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। 19वें राष्ट्रमंडल खेलों की भारोत्तोलन स्पर्धा में 69 किलोग्राम वर्ग में देश को स्वर्ण पदक दिलाने वाले के. रवि कुमार का कहना है कि उन्होंने एक बॉडी बिल्डर के तौर पर अपने खेल जीवन की शुरुआत की थी लेकिन 2003 में अपनी चचेरी बहन के कहने पर उन्होंने भारोत्तोलन की ओर रुख किया।

रवि ने बुधवार को कुल 321 किलोग्राम वजन उठाकर 69 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण जीता था। सेना में काम करने वाले रवि को 2003 में भोरोत्तोलन में कदम रखने के बाद उसी वर्ष मेट्रिक की परीक्षा के कारण भारोत्तोलन पूरी तरह छोड़ दिया था। उसके बाद उन्होने फिर 2004 में इस पर ध्यान देना शुरू किया।

रवि ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, "मेरे लिए बॉडी बिल्डिंग ही सबकुछ था लेकिन मेरे परिजनों को यह पसंद नहीं था। मेरी मां की अच्छी दोस्त और उनकी हमउम्र मेरी एक चचेरी बहन ने कहा कि जब तुम्हारे परिजनों को बॉडी बिल्डिंग पसंद नहीं है तो तुम इससे मिलता जुलता खेल क्यों नहीं अपनाते। उन्होंने ही मुझे भारोत्तोलन में जाने की सलाह दी।"

उनकी बात मानते हुए मैंने 2004 में भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) में शामिल होने का फैसला किया। तीन साल तक साई के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद मैंने पुणे में सेना की अकादमी में प्रशिक्षण लेना प्रारंभ किया। सेना की इस अकादमी में मुझे काफी कुछ सीखने को मिला और इसी की बदौलत मैंने 2007 में जार्डन में जूनियर विश्व चैम्पियनशिप में रजत पदक जीता।"

रवि कहते हैं कि एक खिलाड़ी के तौर पर उनके विकास में सेना का बहुत बड़ा योगदान रहा है। बकौल रवि, "मेरे विकास में भारतीय भारोत्तोलन संघ का बड़ा योगदान रहा है लकिन मेरी प्रतिभा को निखारने का काम सेना ने किया है। मैं इन दोनों का तहे दिल से धन्यवाद करता हूं।"

भारोत्तोलन में बढ़ती डोपिंग की घटनाओं को लेकर रवि की बिल्कुल स्पष्ट सोच है। रवि कहते हैं कि उन्होंने हमेशा यही माना है कि प्रतिबंधित दवाओं के बगैर भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीता जा सकता है।

रवि ने कहा, "मैं अपने जूनियर और यहां तक की सीनियर खिलाड़ियों को यही सलाह देना चाहूंगा कि प्रतिबंधित दवाओं के सेवन के बगैर भी भोरोतोलन में सफलता हासिल की जा सकती है। इस खेलों में बहुत अधिकि मेहनत की जरूरत होती है और मेहनत का फल हमेशा मिलता है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

**

Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:46 [IST]
Other articles published on Nov 14, 2017
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+