राष्ट्रमंडल खेल (तीरंदाजी) : महिला ने जीता स्वर्ण, पुरुषों को कांस्य (राउंडअप)
राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में भारतीय तीरंदाजों ने पहली बार स्वर्ण जीता है। वैसे भारतीय तीरंदाज अब तक 19वें राष्ट्रमंडल खेलों में एक स्वर्ण, एक रजत और एक कोंस्य पदक जीत चुके हैं।
यमुना स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में महिला टीम की डोला बनर्जी, दीपिका कुमारी और बोम्बाल्या देवी ने इंग्लैंड के खिलाड़ियों को कड़े मुकाबले में पराजित कर देश के लिए पहला स्वर्ण जीता। भारतीय महिला खिलाड़ियों ने इग्लैंड खिलाड़ियों के (206) अंक के मुकाबले (207) अंक प्राप्त किया। सेमीफाइनल मुकाबले में खिलाड़ियों ने मलेशिया को पराजित किया था।
यमुना स्पोर्ट्स काम्पलेक्स में भारतीय पुरुष टीम को सेमीफाइनल में आस्ट्रेलिया के हाथों 211-216 के अंतर से हार झेलनी पड़ी थी। इससे निराश न होकर जयंत तालुकदार, तरुणदीप रॉय और राहुल बनर्जी ने तीसरे स्थान के लिए खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड को 221-218 से पराजित किया।
जीत से उत्साहित डोला ने बताया, " तीरंदाजी में भाग्य काफी महत्वपूर्ण होता है। आज यह हमारे साथ था। हमने करीब डेढ़ साल तक कड़ी मेहनत की है, जिसके चलते हमें सफलता मिली है।"
उधर, महिला कोच पूर्णिमा महतो ने खिलाड़ियों की जीत पर कहा, "खिलाड़ियों ने डेढ़ साल से लगातार आठ घंटे का अभ्यास किया है। इस दौरान खिलाड़ियों ने विदेशों में कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। भारत में हो रहे इतने बड़े खेल में मैं चाहती थी कि खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करें।"
शंघाई में तीरंदाजी का विश्व कप जीतने वाली पुरुष टीम के सदस्य तरूनदीप ने कहा, "हमें स्वर्ण जीतना चाहिए था, लेकिन हम सफल नहीं हो पाए। रोजाना से थोड़ी अधिक आद्रता हमारे हार का कारण बनी। हमने मैच के दौरान कमजोरी महसूस की।"
मैच के दौरान तरूनदीप और राहुल अपने प्रदर्शन में स्थिर नहीं रह सके। जबकि लय में चल रहे जयंत अच्छा अंक अर्जित करने के बाद भी प्रतियोगिता जिता नहीं पाए।
जयंत ने चार दौर में 80 अंक में से 72 अंक अर्जित किए। जबकि, राहुल और तरूनदीप ने क्रमश: 69 और 70 अंक ही अर्जित कर पाए।
आस्ट्रेलिया के खिलाफ हुए सेमीफाइनल मुकाबले में अगर भारतीय खिलाड़ी अपने कोच लिम्बा राम का सबक याद रखते तो उन्हें कम से कम रजत पदक प्राप्त हो सकता था।
आस्ट्रेलिया से उलट इन खिलाड़ियों ने इंग्लैंड के खिलाफ अच्छा खेल दिखाया जबकि सेमीफाइनल मुकाबले में वे अपने कोच और धुरंधर तीरंदाज लिम्बा राम की सबक भूल गए थे।
कोच ने गुरुवार को कहा था कि वह महिला टीम से अधिक पुरुष टीम से स्वर्ण पदक की उम्मीद कर रहे हैं लेकिन महिलाओं ने दो कदम आगे निकलते हुए अपना निशाना सही साधा जबकि पुरुष अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे।
मलेशिया ने दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 217-213 से पराजित किया था।
महिला टीम में पूर्व विश्व चैम्पियन डोला बनर्जी, दीपिका कुमारी और बोम्बाल्या देवी शामिल हैं। इन तीनों खिलाड़ियों ने भारत को राष्ट्रमंडल खेलों का 15वां स्वर्ण पदक दिलाया। तीरंदाजी को राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार वर्ष 1982 में शामिल किया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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