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राष्ट्रमंडल खेल (झलकियां) : दीपिका ने ट्विटर पर लिखा संदेश

By Staff

वर्ष 1980 में ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप जीतने वाले अपने पिता प्रकाश पादुकोण के साथ बैडमिंटन का फाइनल मैच देखने आईं बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने ट्विटर पर लिखा, "मैं भारत और मलेशिया के बीच खेले जा रहे बैडमिंटन का फाइनल मैच देखने जा रही हूं। भारत का मुकाबला मलेशिया से होना है।"

दीपिका के अलावा निशानेबाज राज्यवर्धन सिंह राठौर भी राष्ट्रमंडल खेलों के बारे में ट्विटर पर लगातार अपनी प्रतिक्रिया देने में लगे हैं।

पाकिस्तानी मुक्केबाज के लिए रंग लाई शुभकामना :

राष्ट्रमंडल खेलों के उद्घाटन समारोह में जिस तरह से पाकिस्तानी खिलाड़ियों का समर्थन भारतीय दर्शकों ने किया था। ठीक उसी तरह का समर्थन पाकिस्तानी मुक्केबाज निसार खान को मिला। तालकटोरा स्टेडियम में खान को 75 किलोग्राम भार वर्ग में सेसेल्स के मुक्केबाज जीन जोवेटे के साथ भिड़ना था। इस मैच में भारतीय दर्शकों की शुभकामनाएं खान के काम आईं और खान मुकाबला जीत गए।

खेलों की सामग्री पत्रकारों में लोकप्रिय :

राष्ट्रमंडल खेलों के कवरेज में जुटे पत्रकार भी खेलों को बढ़ावा देने वाली सामग्रियों को खरीदने से परहेज नहीं कर रहे हैं। पानी की बोतलों, टी-शर्ट और शेरा की आकृति वाली अन्य सामग्रियां पत्रकारों को बेचने के लिए प्रगति मैदान स्थित मुख्य प्रेस केंद्र के पास दुकान खोली गई है। एक अधिकारी ने शिकायत की है कि सामग्रियों की मांग के हिसाब से आपूर्ति नहीं हो पा रही है।

हौसला बढ़ाने हरियाणा से पहुंचे लोग :

कुश्ती और मुक्केबाजी के प्रति हरियाणा के लोगों में इतना लगाव है कि लोग छुट्टियां लेकर अपने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए यहां पहुंचे हैं। हरियाणा से सैकड़ों की संख्या पहुंचे लोग के.डी. यादव कुश्ती एरेना में पहलवानों का हौसला बढ़ाते नजर आ रहे हैं।

हरियाणा से आए महेंद्र कादयान ने बताया, "मुक्केबाजी के बाद कुश्ती हरियाणा का सर्वाधिक लोकप्रिय खेल है। हम यहां अपने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने आए हैं।" एक दूसरे खेल प्रेमी ने बताया कि वह कुश्ती की स्पर्धा देखने के लिए पांच दिनों की छुट्टी लेकर आए हैं।

इंतजार से गुस्साए पत्रकार :

भारतीय महिला कुश्ती के लिए संवाददाता सम्मेलन का इंतजार कर रहे पत्रकारों का धैर्य शनिवार को जवाब दे गया। संवाददाता सम्मेलन दोपहर बाद दो बजे होना था, लेकिन यह तीन बजे तक शुरू नहीं हो सका। इससे गुस्साए पत्रकारों ने सम्मेलन से जाने की धमकी दी। लेकिन महिला पहलवानों के पहुंचते ही मामला शांत हो गया।

'अधिकारियों से नहीं खिलाड़ियों से बात करें'

जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 10,000 मीटर की दौड़ में भारतीय धावक कविता राउत द्वारा कांस्य पदक जीतने पर कई पत्रकार अधिकारियों से बात करने लगे। इस पर वहां तैनात स्वयंसेवकों को यह बात नागवार गुजरी। कई स्वयंसेवकों ने पत्रकारों से अनुरोध किया कि वे खिलाड़ी राउत से बात करें, क्योंकि देश के लिए पदक उन्होंने जीता है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:46 [IST]
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