नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। यमुना स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में रविवार को भारतीय तीरंदाजों की धूम रही। महिला तीरंदाजों ने जहां व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीता वहीं पुरुष तीरंदाज राहुल बनर्जी ने इसी स्पर्धा में स्वर्ण हासिल किया। जयंत तालुकदार को हालांकि कांस्य से संतोष करना पड़ा।
राहुल ने पुरुष वर्ग के फाइनल में कनाडा के जे. लियोन को हराकर पहला स्थान हासिल किया और भारत को 27वां स्वर्ण दिलाया जबकि भारत के सबसे अनुभवी तीरंदाज तालुकदार ने आस्ट्रेलिया के गैरी मैथ्यूज को हराकर कांस्य पदक जीता।
मजेदार बात यह रही कि राहुल को क्वार्टर फाइनल से लेकर फाइनल तक शूटऑफ के जरिए जीत मिली। क्वार्टर फाइनल में जहां उन्होंने शूट ऑफ के जरिए आस्ट्रेलिया के मेट मानोनवेल्स को पराजित किया था वहीं सेमीफाइनल में वह आस्ेट्रलिया के एम. गैरी पर हावी रहे।
फाइनल में राहुल का सामना लियोन से था, जिन्होंने सेमीफाइनल में तालुकदार को पराजित किया था। लियोन ने तालुकदार के खिलाफ शानदार खेल दिखाया लेकिन राहुल के खिलाफ किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया।
फाइनल मुकाबला काफी रोचक रहा। पहले सेट में जहां राहुल ने 27 अंक हासिल किए वहीं लियोन भी इतने ही अंक हासिल करने में सफल रहे। इस तरह पहले सेट से दोनों खिलाड़ियों को एक-एक अंक प्राप्त हुए।
दूसरे सेट में लियोन ने बाजी मारी और 27 के मुकाबले 29 अंक जुटाकर दो सेट अंक हासिल किए। तीसरे सेट में भी लियोन ने काफी अच्छा निशाना लगाया और 28 के मुकाबले 29 अंक जुटाकर दो सेट अंक हासिल किए।
चौथे सेट में राहुल को वापसी करना था और उन्होंने बिल्कुल वही किया। राहुल ने 26 के मुकाबले 28 अंक जुटाकर दो सेट अंक हासिल किए। अब स्कोर 3-5 हो चुका था।
पांचवें और अंतिम सेट में राहुल को न शूट ऑफ के लिए हर हाल में दो सेट अंक हासिल करने में थे। वह इसमें सफल भी रहे। राहुल ने जहां 27 अंक हासिल किए वहीं लियोन सिर्फ 26 अंक जुटा सके।
इस तरह मुकाबला शूटऑफ तक खिंचा, जिसमें राहुल ने बाजी मार ली। इस तरह राहुल ने पहली बार देश के लिए राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा।
इससे पहले, सुबह के सत्र में महिला तीरंदाजों ने इस स्पर्धा में यही परिणाम हासिल किया था। दीपिका ने जहां भारत की अनुभवी तीरंदाज डोला बनर्जी को दोयम साबित करते हुए स्वर्ण जीता था वहीं डोला को कांस्य से संतोष करना पड़ा। इस स्पर्धा का रजत इंग्लैंड के खाते में गया।
इससे पहले भी भारतीय खिलाड़ियों ने टीम स्पर्धा में एक स्वर्ण और एक रजत पदक जीता था। भारतीय तीरंदाजों ने 28 साल के अंतराल के बाद राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीते हैं। यह सफलता काबिलेतारीफ है क्योंकि हमारे खिलाड़ियों ने राष्ट्रमंडल खेलों के काफी मेहनत की थी और उसका फल उन्हें मिल गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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