नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। आर. के. खन्ना टेनिस स्टेडियम में खिलाड़ियों को अपने प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों के साथ-साथ कीड़ों से भी मुकाबला करना पड़ रहा है। कीड़ों से बचने के लिए खिलाड़ी भी उन्हें अपने रैकेट से भगाते नजर आते हैं।
दूधिया रोशनी में खेले जाने वाले मैच के दौरान काफी संख्या में उड़ने वाले कीड़े खिलाड़ियों का ध्यान भंग करते हैं। ऐसे में खिलाड़ियों के पास उन्हें अपने रैकेट से भगाने के अलावा दूसरा विकल्प नहीं बचता है।
खेलगांव में भी स्पर्धा :
वैसे तो खेलगांव का निर्माण राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के रहने के लिए किया गया है। लेकिन यहां भी एक प्रतियोगिता कराई जा रही है। दरअसल, खिलाड़ियों से यहां के सबसे लोकप्रिय खिलाड़ी के लिए मतदान करने के लिए कहा गया है। अधिकारियों के मुताबिक खिलाड़ियों में एक दूसरे के बीच मेजलोज बढ़ाने के लिए यह प्रतियोगिता कराई जा रही है।
प्रार्थना रंग लाई :
स्पर्धा से पहले जीत के लिए ईश्वर से प्रार्थना करने में विदेशी खिलाड़ी भी पीछे नहीं हैं। तालकटोरा स्टेडियम में समाओ के मुक्केबाज फता अफासे अपने प्रतिद्वंद्वी तंजानिया के किदुंदा सेलेमैन को हराने के लिए प्रार्थना करते नजर आए। बहरहाल, उनकी प्रार्थना रंग लाई और वह स्पर्धा जीत गए।
'किराया नहीं, टिकट दे दो' :
राष्ट्रमंडल खेलों को कवर करने वाले पत्रकार के साथ एक विचित्र घटना घटी। स्पर्धा को कवर करने के बाद पत्रकार ऑटो से घर पहुंचा और जब वह ऑटो चालक को किराया देने लगा तो ऑटो चालक ने यह कहते हुए किराया लेने से इंकार किया कि वह किराए के बदले में उसे किसी खेल का टिकट दे दे। ऑटो चालक ने बताया, "शहर में रहते हुए मैंने खेलों का एक भी मैच नहीं देखा है। किराए के बदले में मुझे किसी खेल का टिकट दे दे।"
मुफ्त खाने के लिए तांता :
प्रगति मैदान में बनाए गए मुख्य प्रेस सेंटर के परिसर में शाम पांच बजते ही लोगों की भीड़ जुट जाती है। यहां पांच बजे जलपान की घोषणा की जाती है। दरअसल, इस जलपान में बर्गर और सैंडविच दिया जाता है। इन खाद्य सामग्रियों को आधे घंटे ही बांटा जाता है। इसके बाद लोगों को खाद्य सामग्रियों को खरीदने के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ती है।
तस्वीर नहीं ले सकेंगे फोटो पत्रकार :
खेलगांव में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों की शिकायत के बाद उनके अभ्यास स्थल के चारों तरफ स्टील की जाली लगा दी गई है। दरअसल, खिलाड़ियों के अभ्यास करते समय फोटो पत्रकार उनकी तस्वीरें लिया करते थे। खिलाड़ियों का कहना है कि इससे अभ्यास में उनका ध्यान भंग होता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।