राष्ट्रमंडल खेल (निशानेबाजी): निशानेबाजों ने कोच को दिया सफलता का श्रेय
अभिषेक रॉय
नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रमंडल खेलों में कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में स्वर्ण पदकों की बरसात करने वाले भारतीय निशानेबाजों की सफलता के पीछे उनके कोच पॉवेल स्मिर्नोव का बड़ा योगदान है। निशानेबाजों ने अपनी सफलता का श्रेय आस्ट्रलियाई कोच को दिया है।
पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाले निशानेबाज विजय कुमार, इमरान हसन खान और गुरप्रीत सिंह ने अपनी सफलताओं का श्रेय कोच पॉवेल को दिया है।
पॉवेल वर्ष 2007 से ही मध्य प्रदेश के महू स्थित 'आर्मी मार्क्समैन यूनिट' के साथ जुड़े हुए हैं। भारतीय निशानेबाजों के 28 सदस्यीय दल में से विजय कुमार, इमरान हसन और गुरुप्रीत सिंह सहित नौ निशानेबाज सेना से हैं।
स्वभाव से मृदु भाषी पॉवेल का कहना है कि सेना के निशानेबाजों में ओलंपिक खेलों में पदक जीतने की क्षमता है, लेकिन इसके लिए उन्हें अभी लंबी दूरी तय करनी है।
पॉवेल ने आईएएनएस को बताया, "हमारे पास महू में 30 प्रतिभाशील निशानेबाजों की टीम है। इनमें से 14 निशानेबाज राष्ट्रीय टीम से जुड़कर अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में हिस्सा ले रहे हैं। इन खिलाड़ियों में अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने की क्षमता है।"
विश्व के नंबर 10 खिलाड़ी विजय कुमार और गुरप्रीत सिंह 25 मीटर की रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण और कांस्य पदक जीत चुके हैं।
दोनों ने गुरुवार को पेयर्स स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीता है। इन्होंने निशानेबाजी में मिली भारत की सफलता का श्रेय कोच पाॉवेल को दिया है।
पिछले साल बीजिंग विश्व कप में रजत पदक जीतने वाले विजय कुमार ने बताया, "पिछले तीन सालों में अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में भारतीय सेना के निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है। निशानेबाजों में स्वस्थ प्रतियोगिता हो रही है।"
उल्लेखनीय है कि पॉवेल की नियुक्ति 'आर्मी ओलंपिक मिशन प्रोग्राम' का हिस्सा है। इसकी शुरुआत वर्ष 2004 में निशानेबाजी की प्रतिभाओं को पदक जिताऊ बनाने के लिए की गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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