राष्ट्रमंडल खेल : 'तीरंदाजों को कोलकाता की बजाय पुणे में दिया जाए प्रशिक्षण'
नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय तीरंदाजों ने बेहतर प्रदर्शन किया है और पदक जीते हैं, लेकिन मुख्य कोच लिम्बा राम को लगता है कि अगर उन्हें कोलकाता के बजाय पुणे के खुशगवार मौसम में प्रशिक्षण दिया गया होता तो वह और बेहतर कर सकते थे।
रिकर्व स्पर्धा में पुरुष खिलाड़ियों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है और शीर्ष तीरंदाजों ने केवल कांस्य पदक जीते हैं।
मुख्य कोच का कहना है कि तीरंदाजी में मौसम का मिजाज भारी अंतर पैदा करता है और कोलकाता का वातावरण बेहद उमस भरा है।
लिम्बा राम ने भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) के कोलकाता स्थित प्रशिक्षण परिसर में पिछले डेढ़ साल से खिलाड़ियों को दोयम दर्जे का भोजन मुहैया कराए जाने का भी आरोप लगाया।
पूर्व तीरंदाज ने कहा, "हम पुणे में प्रशिक्षण परिसर आयोजित करना चाहते हैं क्योंकि वहां का मौसम आठ घंटे तक अभ्यास करने के अनुकूल है। कोलकाता में लम्बे समय तक ध्यान केंद्रित करना संभव नहीं होता है, खासकर जब खुले में अभ्यास करना होता है। जिमनास्टिक के खिलाड़ी पुणे चले गए, लेकिन हम अभी कोलकाता में बने हुए हैं।"
भोजन के बारे में कोच ने कहा, "शुरू में तो खाने की गुणवत्ता सचमुच बेहद खराब थी। बाद में स्थिति बेहतर हुई, लेकिन भोजन में पौष्टिकता नाम की कोई चीज नहीं थी।"
लिम्बा ने कहा कि तीरंदाजों को खेलों के शुरू होने से एक महीने पहले से ही दिल्ली में होना चाहिए था। जिससे कि वे बेहतर तरीके से अभ्यास कर पाते।
उन्होंने कहा, "आपको हवा के साथ सामंजस्य बैठाने की जरूरत होती है। जिससे कि बेहतर तरीके से निशाना साध सकें। कोलकाता का मौसम दिल्ली की तुलना में बेहद उमसभरा है।"
कोच ने कहा, "हम जब स्पर्धाओं के लिए विदेश जाते हैं तो, वहां के वातावरण से समायोजन स्थापित करने में दिक्कत होती है। सामान्य तौर पर मानसून के चलते प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रभावित होता है और खेलों के लिहाज से हमें बेहतर योजनाएं बनानी होंगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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