राष्ट्रमंडल खेल (हॉकी) : प्रधानमंत्री को जीत का तोहफा न दे सकी टीम
खिलाड़ियों में इस बात की काफी खुशी थी लेकिन वे प्रधानमंत्री को जीत का तोहफा नहीं दे सके। खिलाड़ियो ने प्लेकार्ड के जरिए तमाम दर्शकों से भी खराब खेल के लिए माफी मांगी और साथ ही जोरदार समर्थन के लिए उनका आभार भी जताया।
दरअसल, पहले भी एक मौका आया था जब प्रधानमंत्री दर्शकदीर्घा में बैठे थे और भारतीय टीम को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी। 1982 एशियाई खेलों के फाइनल में इंदिरा गांधी अपने बेटे तथा आयोजन समिति के अध्यक्ष राजीव गांधी के साथ पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम का हौसला बढ़ाने पहुंची थीं लेकिन उनकी मौजूदगी में भारतीय टीम 1-7 से हार गई थी।
बहरहाल, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अच्छे मेजबान की भूमिका निभाते हुए मैच के बाद पहले आस्ट्रेलिायई खिलाड़ियों और अधिकारियों से मिले और फिर अपने खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी, खेल मंत्री मनोहर सिंह गिल, हॉकी इंडिया के महासचिव नरेंद्र बत्रा और हॉकी इंडिया की अध्यक्ष विद्या स्टोक्स भी मौजूद थीं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*
- Male
- Female
- Others
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications
