रॉयल चैलेंजर्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को हराया
चेन्नई, 22 मईः एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम पर चेन्नई सुपर किंग्स और बंगलौर रॉयल चैलेंजर्स के बीच खेले गए एक मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स ने चेन्नई को 14 रनों से हरा दिया।
पहले बल्लेबाजी करती हुई बंगलौर की टीम ने 8 विकेट के नुकसान पर 126 रन बना लिए। इसके जवाब में चेन्नई की टीम निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट पर 112 रन ही बना सकी।
पहली पारी में बंगलौर की तरफ से कप्तान राहुल द्रविड़ ने सर्वाधिक 47 रन बनाए। प्रवीण कुमार ने अंतिम ओवरों में अच्छे हाथ दिखाए। उन्होंने 11 गेंदों में 21 रन बनाए जिसमें दो छक्के भी शामिल हैं। इन दोनों खिलाड़ियों की बदौलत बंगलौर की टीम एक सम्मानजनक स्कोर खड़ा करने में सफल रही।
चेन्नई की ओर से जे. ए. मोर्केल ने घातक गेंदबाजी की। उन्होंने 4 ओवरों में 32 रन देकर बंगलौर के चार खिलाड़ियों को चलता किया। तेज गेंदबाज एम. गोनी को दो विकेट मिले जबकि लक्ष्मीपति बालाजी और मुथैया मुरलीधरन को एक-एक विकेट प्राप्त हुए। इससे पहले बंगलौर के कप्तान राहुल द्रविड़ ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया।
बंगलौर की टीम में कल तीन बदलाव करते हुए मार्क बाउचर, विराट कोहली और विनय कुमार को टीम में शामिल किया। कैमरून व्हाइट, भरत चिपली और जहीर खान ने आज का मैच नहीं खेला। दूसरी ओर चेन्नई की टीम में कोई बदलाव नहीं किया गया।
इससे पूर्व कल शाम वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए एक अन्य मुकाबले में पंजाब किंग्स इलेवन ने मुंबई इंडियंस को एक रन से हरा दिया। इस मैच का रोमांच अंतिम गेंद तक कायम रहा।
मैदान पर अंतिम जोड़ी थी और मुंबई को जीत के लिए एक गेंद में दो रन बनाने थे। युवराज सिंह ने शानदार क्षेत्ररक्षण का प्रदर्शन किया और वी. एस. येलीगाटी को रन आउट कर उन्होंने पंजाब को एक रन से जीत दिला दी।
पंजाब द्वारा दिए गए 190 रन का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की पूरी टीम मैच के आखिरी गेंद में 188 रन पर आउट हो गई। मुंबई की ओर से कप्तान सचिन तेंदुलकर ने सर्वाधिक 65 रन बनाए। वह बड़े ही दुर्भाग्यजनक तरीके से रन आउट हुए। पंजाब की ओर से एस. श्रीसंत और युवराज सिंह ने दो-दो विकेट चटकाए।
मैच के अंतिम ओवर में मुंबई को जीत के लिए 19 रन बनाने थे और गेंद वी. आर. वी. सिंह के हाथों में थी। पहली ही गेंद नो बाल रही जिस पर एस. डी. चिटनीस ने छक्का जड़ दिया। अब छह गेंदों में उसे जीत के लिए 13 रन बनाने की जरूरत थी। लेकिन वह नहीं बना पाई।
अंतिम गेंद पर मैच जीतने के लिए उसे दो और ड्रा करने के लिए एक रन बनाने थे। उसकी अंतिम जोड़ी को युवराज ने शानदार क्षेत्ररक्षण के जरिए रन आउट कर अपनी टीम पंजाब को जीत दिला दी।
पहले बल्लेबाजी करती हुई पंजाब की टीम ने एस. मार्श के 81 और एल. ए. पोमर्सबाक के 79 रनों की बदौलत 189 रन बनाए। इससे पहले मुंबई ने टॉस जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण का फैसला किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
पहले बल्लेबाजी करती हुई बंगलौर की टीम ने 8 विकेट के नुकसान पर 126 रन बना लिए। इसके जवाब में चेन्नई की टीम निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट पर 112 रन ही बना सकी।
पहली पारी में बंगलौर की तरफ से कप्तान राहुल द्रविड़ ने सर्वाधिक 47 रन बनाए। प्रवीण कुमार ने अंतिम ओवरों में अच्छे हाथ दिखाए। उन्होंने 11 गेंदों में 21 रन बनाए जिसमें दो छक्के भी शामिल हैं। इन दोनों खिलाड़ियों की बदौलत बंगलौर की टीम एक सम्मानजनक स्कोर खड़ा करने में सफल रही।
चेन्नई की ओर से जे. ए. मोर्केल ने घातक गेंदबाजी की। उन्होंने 4 ओवरों में 32 रन देकर बंगलौर के चार खिलाड़ियों को चलता किया। तेज गेंदबाज एम. गोनी को दो विकेट मिले जबकि लक्ष्मीपति बालाजी और मुथैया मुरलीधरन को एक-एक विकेट प्राप्त हुए। इससे पहले बंगलौर के कप्तान राहुल द्रविड़ ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया।
बंगलौर की टीम में कल तीन बदलाव करते हुए मार्क बाउचर, विराट कोहली और विनय कुमार को टीम में शामिल किया। कैमरून व्हाइट, भरत चिपली और जहीर खान ने आज का मैच नहीं खेला। दूसरी ओर चेन्नई की टीम में कोई बदलाव नहीं किया गया।
इससे पूर्व कल शाम वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए एक अन्य मुकाबले में पंजाब किंग्स इलेवन ने मुंबई इंडियंस को एक रन से हरा दिया। इस मैच का रोमांच अंतिम गेंद तक कायम रहा।
मैदान पर अंतिम जोड़ी थी और मुंबई को जीत के लिए एक गेंद में दो रन बनाने थे। युवराज सिंह ने शानदार क्षेत्ररक्षण का प्रदर्शन किया और वी. एस. येलीगाटी को रन आउट कर उन्होंने पंजाब को एक रन से जीत दिला दी।
पंजाब द्वारा दिए गए 190 रन का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की पूरी टीम मैच के आखिरी गेंद में 188 रन पर आउट हो गई। मुंबई की ओर से कप्तान सचिन तेंदुलकर ने सर्वाधिक 65 रन बनाए। वह बड़े ही दुर्भाग्यजनक तरीके से रन आउट हुए। पंजाब की ओर से एस. श्रीसंत और युवराज सिंह ने दो-दो विकेट चटकाए।
मैच के अंतिम ओवर में मुंबई को जीत के लिए 19 रन बनाने थे और गेंद वी. आर. वी. सिंह के हाथों में थी। पहली ही गेंद नो बाल रही जिस पर एस. डी. चिटनीस ने छक्का जड़ दिया। अब छह गेंदों में उसे जीत के लिए 13 रन बनाने की जरूरत थी। लेकिन वह नहीं बना पाई।
अंतिम गेंद पर मैच जीतने के लिए उसे दो और ड्रा करने के लिए एक रन बनाने थे। उसकी अंतिम जोड़ी को युवराज ने शानदार क्षेत्ररक्षण के जरिए रन आउट कर अपनी टीम पंजाब को जीत दिला दी।
पहले बल्लेबाजी करती हुई पंजाब की टीम ने एस. मार्श के 81 और एल. ए. पोमर्सबाक के 79 रनों की बदौलत 189 रन बनाए। इससे पहले मुंबई ने टॉस जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण का फैसला किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:20 [IST]
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