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बर्नी को लौटाया नहीं, बल्कि प्रवेश की इजाजत नहीं दी गई: गृह मंत्रालय (लीड)

नई दिल्ली, 31 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के मानवाधिकार मामलों के पूर्व मंत्री अंसार बर्नी को वापस भेजने के आरोप को गलत बताते हुए गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पर्याप्त कागजातों के अभाव में उन्हें प्रवेश की इजाजत नहीं दी गई।

गृह मंत्रालय से जारी स्पष्टीकरण के अनुसार इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से आव्रजन अधिकारियों द्वारा अंसार बर्नी को वापस नहीं भेजा गया बल्कि यात्रा से संबंधित अपर्याप्त कागजात के अभाव में उन्हें प्रवेश की इजाजत नहीं दी गई। गृह मंत्रालय के अनुसार भारत में बर्नी का स्वागत है।

मंत्रालय के मुताबिक इससे पूर्व भी बर्नी अप्रैल में जब भारत के दौरे पर आए थे उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई थी। बर्नी ने पाक जेल में बंद भारतीय कैदी कश्मीर सिंह की रिहाई में उल्लेखनीय भूमिका निभाई थी।

इससे पूर्व 'वांछित लोगों की सूची' (लूक आउट नोटिस) में नाम होने के कारण पाकिस्तान के मानवाधिकार मामलों के पूर्व मंत्री अंसार बर्नी को शुक्रवार रात नई दिल्ली हवाई अड्डे से दुबई लौटा दिया गया।

सरकार इस मामले की जांच कर रही है कि आखिर बर्नी का नाम इस सूची में क्यों शामिल था। गृह मंत्रालय के सूत्रों ने कहा, "हम हवाई अड्डे पर कंप्यूटरों में सूची में बदलाव नहीं किए जाने की मामले की जांच का प्रयास कर रहे हैं।"

गौरतलब है कि इस सूची में आतंकवादियों और वांछित लोगों के नाम शामिल रहते हैं। इसी कारण सरकार इस तथ्य का पता लगा रही है कि आखिर पाकिस्तान के पूर्व मंत्री का नाम इस सूची में कैसे आ गया।

वांछित सूची में शामिल लोगों को देश में प्रवेश से रोक दिया जाता है। यह सूची खुफिया एजेंसी आरएडब्ल्यू और अन्य एजेंसियों के सहयोग से तैयार की जाती है।

गौरतलब है कि बर्नी ने पाकिस्तान में कैद भारतीय कैदी कश्मीर सिंह की रिहाई में प्रमुख भूमिका निभाई थी। साथ ही सरबजीत सिंह मामले में भी वह सहयोग कर रहे हैं। कुछ दिन पहले वह भारत एक बैठक में हिस्सा लेने आए थे। उन्हें शुक्रवार रात नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से लौटा दिया गया, जिसके बाद वह दुबई चले गए।

बर्नी ने दुबई में कहा, "भारत सरकार के इस रवैये से मैं अचंभित हूं। हालांकि, इस प्रकार के कदमों से मेरे कार्य प्रभावित नहीं होंगे। वैसे मेरे लिए यह दिल तोड़ने वाली एक घटना है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:20 [IST]
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